फर्जी पार्षद बनकर सरकारी काम में दखल! असली पार्षद की पहचान का इस्तेमाल कर हाईमास्ट लाइट लगवाने का आरोप, घर पहुंचकर 20-30 लोगों ने दी जान से मारने की धमकी
आदित्यपुर, 22 अगस्त : आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति पर कथित रूप से खुद को वार्ड पार्षद बताकर सरकारी कार्य में हस्तक्षेप करने और पार्षद की पहचान का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगा है। मामला यहीं नहीं रुका। आरोप है कि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर एक व्यक्ति करीब 20 से 30 लोगों के साथ पार्षद के घर पहुंच गया और वहां हंगामा करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद वार्ड पार्षद और उनका परिवार भयभीत है। मामले को लेकर वार्ड पार्षद वनमाली दास ने आदित्यपुर थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देकर पूरे प्रकरण की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, 21 अगस्त (कल) को आदित्यपुर के बनडीह इलाके में वन विभाग की जमीन पर एक कंपनी द्वारा हाईमास्ट लाइट लगाने का काम कराया जा रहा था। मौके पर पहुंचे वन विभाग के गार्ड ने काम कर रहे कर्मियों को रोक दिया और उनसे कार्य से संबंधित अनुमति एवं जानकारी मांगी। इस दौरान कर्मियों ने कथित तौर पर बताया कि हाईमास्ट लाइट लगाने का काम संबंधित वार्ड पार्षद के निर्देश और अनुशंसा पर कराया जा रहा है।
इसकी जानकारी मिलने के बाद वार्ड पार्षद वनमाली दास मौके पर पहुंचे और ठेकेदार तथा वहां काम कर रहे कर्मियों से पूछा कि आखिर उनके नाम पर यह काम किसके निर्देश पर कराया जा रहा है। कर्मियों ने उन्हें बताया कि उन्हें वार्ड पार्षद की ओर से काम करने का निर्देश मिला है। यह सुनकर पार्षद भी हैरान रह गए। उनका कहना है कि उन्होंने न तो इस कार्य का कोई आदेश दिया था और न ही उन्हें इसकी जानकारी थी।
मामला तब और गंभीर हो गया, जब कर्मियों से संबंधित वार्ड पार्षद की पहचान पूछी गई। शिकायत के मुताबिक, कर्मियों ने अपने मोबाइल फोन में एक व्यक्ति की तस्वीर दिखाते हुए उसे वार्ड पार्षद बताया। वनमाली दास का आरोप है कि मोबाइल में दिखाई गई तस्वीर उनकी नहीं थी। इसके बाद उन्होंने आरोप लगाया कि किसी व्यक्ति द्वारा उनकी पहचान का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल कर खुद को वार्ड पार्षद बताया गया और उनके नाम का इस्तेमाल करते हुए सरकारी कार्य कराया गया।
रास्ते में हुई बातचीत के बाद घर पहुंचा लोगों का हुजूम
शिकायत में गणेश सरदार नामक व्यक्ति पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पार्षद के अनुसार, रास्ते में गणेश सरदार से उनकी मुलाकात हुई और उन्होंने उससे पूरे मामले को लेकर बातचीत की। आरोप है कि बातचीत के बाद गणेश सरदार करीब 20 से 30 लोगों के साथ पार्षद के घर पहुंच गया। वहां कथित रूप से हंगामा किया गया और पार्षद को जान से मारने की धमकी दी गई।
अचानक बड़ी संख्या में लोगों के घर पहुंचने और धमकी दिए जाने से पार्षद तथा उनका परिवार दहशत में आ गया। पार्षद ने पुलिस को दी शिकायत में अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है।
सरकारी जमीन पर काम और फर्जी पहचान ने बढ़ाई गंभीरता
मामले की गंभीरता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि पूरा घटनाक्रम वन विभाग की जमीन पर हाईमास्ट लाइट लगाने के कार्य से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि यदि किसी व्यक्ति ने वास्तव में वार्ड पार्षद की पहचान का गलत इस्तेमाल करते हुए सरकारी अथवा वन विभाग की जमीन पर काम कराया है, तो यह जांच का गंभीर विषय है।
वार्ड पार्षद वनमाली दास ने पुलिस से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यह पता लगाया जाए कि उनके नाम और पहचान का इस्तेमाल किसने किया, किसके निर्देश पर हाईमास्ट लाइट लगाने का काम शुरू कराया गया तथा धमकी देने के मामले में कौन-कौन लोग शामिल थे।
फिलहाल शिकायत के आधार पर पुलिस जांच के बाद ही मामले की वास्तविकता सामने आएगी। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। वहीं, घटना के बाद क्षेत्र में इस बात को लेकर चर्चा तेज है कि आखिर सरकारी कार्य में वार्ड पार्षद की कथित फर्जी पहचान का इस्तेमाल किसने और किस उद्देश्य से किया।




