आदित्यपुर में खरकई नदी के संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के लिए बनेगा अर्बन रिवर मैनेजमेंट प्लान
सरायकेला, 01 अक्टूबर : आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में खरकई नदी और उससे जुड़े जलस्रोतों के संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण तथा जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान को लेकर अर्बन रिवर मैनेजमेंट प्लान (URMP) तैयार किया जा रहा है। इसे लेकर उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय सभागार में मल्टी-स्टेकहोल्डर वर्किंग ग्रुप (MSWG) की दूसरी बैठक हुई।
बैठक में पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों और दिए गए निर्देशों के अनुपालन की बिंदुवार समीक्षा की गई। साथ ही अब तक हुई प्रगति और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई।
उपायुक्त ने कहा कि अर्बन रिवर मैनेजमेंट प्लान को आदित्यपुर क्षेत्र की वर्तमान जरूरतों के अनुरूप प्रभावी और दीर्घकालिक बनाया जाए। उन्होंने नदी तट के विकास, फ्लड प्लेन प्लान, जल निकायों के संरक्षण, उपलब्ध भूमि के बेहतर उपयोग और हरित क्षेत्र के विकास को योजना में शामिल करने का निर्देश दिया।
बैठक में जल संचयन एवं संरक्षण, खरकई नदी और उससे जुड़े जलस्रोतों को प्रदूषण मुक्त करने, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन तथा जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई। नदी, नालों और जल निकायों में कचरा जाने से रोकने के लिए आवश्यक उपाय सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
नालों की कनेक्टिविटी, जल निकासी और जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए जरूरी संरचनात्मक एवं प्रबंधन संबंधी उपायों को भी योजना में शामिल करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा तालाबों के जीर्णोद्धार, सीवेज एवं ड्रेनेज व्यवस्था, एसटीपी के सुदृढ़ीकरण, जलापूर्ति, भू-जल संरक्षण, पार्क एवं हरित क्षेत्र के विकास तथा नदी तटों के सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ अद्यतन आंकड़े, मैपिंग, तकनीकी जानकारी और आवश्यक प्रस्ताव समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना केवल नदी संरक्षण तक सीमित नहीं रहे, बल्कि जल संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, बाढ़ एवं जलभराव प्रबंधन और शहरी हरित क्षेत्र के समग्र विकास को ध्यान में रखकर तैयार की जाए।
बैठक में आदित्यपुर नगर निगम के नगर आयुक्त एजाज अनवर, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार समेत वन प्रमंडल, JUIDCO, JIADA, पेयजल एवं स्वच्छता, जल संसाधन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, JARDA/JARDCL, स्वास्थ्य, कृषि, मत्स्य, उद्यान विभाग के पदाधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और अन्य हितधारक मौजूद रहे।



