खरसावां छऊ कला केंद्र के पुर्नसंचालन को लेकर हुई बैठक, कलाकारों की हुई समीक्षा

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खरसावां छऊ कला केंद्र के पुर्नसंचालन को लेकर हुई बैठक, कलाकारों की हुई समीक्षा

खरसावां, 24 अगस्त : खरसावां छऊ कला केंद्र के पुर्नसंचालन के लिए रविवार को समीक्षा बैठक हुई। माैके पर कलाकारों का समागम हुआ और रंगारंग कार्यक्रम के जरिए बच्चों ने मनमोहक प्रस्तुति दी। इसके पूर्व दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया। छऊ नृत्य कला केंद्र खरसावां के पुनः संचालन हेतु आयोजित समीक्षा समारोह को संबोधित करते हुए आर्टिस्ट एसोसिएशन के संयोजक मनोज चौधरी ने कहा कि कला के क्षेत्र में सात पद्मश्री पुरस्कार प्राप्त करने के बावजूद सरायकेला खरसावां का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने खरसावां छऊ के कलाकारों को प्रतिभा की धनी बताते हुए शीघ्र ही खरसावां छऊ के विश्व स्तर पहचान की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आर्टिस्ट एसोसिएशन का लक्ष्य छऊ की तीनों शैलियों को विकास के मार्ग पर ले जाना है।

समारोह को संबोधित करते हुए विधायक प्रतिनिधि सह राजघराने के सदस्य अनूप कुमार सिंहदेव ने कहा राजघराने की यह कला आज क्षेत्र की पहचान है। छऊ नृत्य न केवल मनोरंजन का साधन है बल्कि ईश आराधना का माध्यम भी है। उन्होंने स्थानीय विधायक दशरथ गागराई की पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने इस कला के उत्थान के लिए हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है। बता दें कि कला संस्कृति विभाग के निर्देशानुसार जिले के तीनों शैलियों के कलाकारों के प्रशिक्षण हेतु स्थापित कला केंद्रों के पुनः संचालन हेतु आयोजित समीक्षा बैठक का आयोजन किया जा रहा है।

इस बैठक को आर्टिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष भोला मोहंती एवं सचिव सुदीप कवि ने भी संबोधित किया। इस दौरान लगभग 40 कलाकारों की कला की समीक्षा की गई। इस समारोह में संगीत नाटक अकादमी अवॉर्डी बृजेंद्र पटनायक, गुरु तरुण कुमार भोल, गुरु आशीष कर, वरिष्ठ कलाकार अविनाश कवि, पंकज साहू, खरसावां छऊ के संयोजक मोहम्मद दिलदार, पिनाकी रंजन, सुदीप घोड़ेई, बसंत गणतायत सहित कई लोग उपस्थित थे। सभी ने खरसावां छऊ को एक नए मुकाम तक पहुंचाने पर सहमती जताते हुए एकजुट होकर काम करने का आश्वासन दिया।

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