चाईबासा में अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर प्रशासन की कार्रवाई का स्वागत, पूरे बाजार में समान रूप से अभियान चलाने की मांग
चाईबासा, 20 अगस्त : चाईबासा में अतिक्रमण हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर आदिवासी नेता साधु हो ने सवाल उठाते हुए इसे लेकर प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर कोल्हान के आदिवासियों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, जबकि शहर में अन्य स्थानों पर मौजूद अतिक्रमण के खिलाफ समान स्तर पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।
साधु हो ने झामुमो पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को आदिवासी-मूलवासी और झारखंडी हितों की पार्टी माना जाता था, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में उसका रुख बदलता नजर आ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कोल्हान में लगातार विभिन्न मुद्दों को लेकर धरना-प्रदर्शन, पदयात्रा और जनआंदोलन हो रहे हैं, इसके बावजूद झामुमो और कांग्रेस के स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से अपेक्षित हस्तक्षेप नहीं किया जा रहा है।

उन्होंने चाईबासा में ‘नो एंट्री’ की मांग से लेकर मझगांव के देशाउली स्थल से जुड़ी मारपीट की घटना तक का उल्लेख करते हुए कहा कि इन मामलों में आदिवासी समुदाय के हितों को लेकर जनप्रतिनिधियों की चुप्पी सवाल खड़े करती है। साधु हो ने कहा कि सरकार खुद को आदिवासियों की सरकार बताती है, लेकिन धरातल पर कई मामलों में आदिवासियों के रोजगार और अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
पूरे बाजार में समान कार्रवाई की मांग
वर्तमान में जिला प्रशासन की ओर से तांम्बो चौक से उपायुक्त कार्यालय तक अतिक्रमण हटाने के आदेश का उन्होंने स्वागत किया। हालांकि, उन्होंने मांग की कि यदि प्रशासन अतिक्रमण हटाने का अभियान चला रहा है तो इसे किसी एक वर्ग या क्षेत्र तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए।
साधु हो ने कहा कि चाईबासा बाजार में जहां-जहां सरकारी अथवा सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जे हैं, वहां भी समान रूप से कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में भेदभाव की स्थिति नहीं होनी चाहिए और प्रशासन को सभी अतिक्रमणों की निष्पक्ष जांच कर कानून के अनुरूप कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कार्रवाई में समानता नहीं बरती गई तो इसे आदिवासी समुदाय के खिलाफ पक्षपातपूर्ण कार्रवाई के रूप में देखा जाएगा। उन्होंने जिला प्रशासन से पूरे मामले में पारदर्शिता बरतने और सभी अतिक्रमित स्थलों पर समान रूप से कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।




