

सदर अस्पताल की इमरजेंसी में डॉक्टर नदारद, मरीज के इलाज में देरी पर भड़के नगर पंचायत अध्यक्ष
सरायकेला, 18 अगस्त : सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था और ड्यूटी में लापरवाही का मामला मंगलवार सुबह सामने आया। नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी एवं वार्ड पार्षद वरुण साहू करीब 8:35 बजे एक मरीज के इलाज के लिए इमरजेंसी वार्ड पहुंचे, लेकिन वहां तत्काल कोई डॉक्टर मौजूद नहीं मिला। इमरजेंसी जैसी संवेदनशील सेवा में डॉक्टर की अनुपस्थिति पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए अस्पताल प्रबंधन को इसकी सूचना दी।


मनोज चौधरी ने अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. पी.एम. बाड़ा और सिविल सर्जन डॉ. सरजू प्रसाद सिंह से फोन पर बात कर स्थिति से अवगत कराया। हस्तक्षेप के बाद करीब 9:15 बजे डॉक्टर इमरजेंसी में पहुंचे और मरीज का उपचार शुरू हुआ।


इसके बाद नगर पंचायत अध्यक्ष ने अस्पताल का ड्यूटी रोस्टर खंगाला। रोस्टर में ड्यूटी निर्धारित होने के बावजूद कई डॉक्टर एवं कर्मी मौके पर अनुपस्थित मिले। उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि जिला मुख्यालय के अस्पताल में ही यदि समय पर स्वास्थ्यकर्मी उपलब्ध नहीं होंगे, तो आम मरीजों को बेहतर इलाज कैसे मिलेगा।

मामले की जानकारी मिलने पर हॉस्पिटल मैनेजर भी पहुंचे। अस्पताल की प्रबंधन व्यवस्था और मरीजों के प्रति व्यवहार को लेकर मनोज चौधरी ने नाराजगी जताई तथा मरीजों और उनके परिजनों के साथ संवेदनशील एवं सहयोगात्मक रवैया अपनाने का निर्देश दिया।





उन्होंने स्पष्ट कहा, “सदर अस्पताल जनता की सेवा के लिए है। मरीजों को समय पर इलाज, सम्मान और संवेदनशील व्यवहार मिले—इसमें किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा।”
मनोज चौधरी ने ड्यूटी रोस्टर का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा कि इमरजेंसी में लापरवाही सीधे मरीज के जीवन से जुड़ी है। उन्होंने पूरे मामले और अनुपस्थित डॉक्टर-कर्मियों की शिकायत स्वास्थ्य मंत्री एवं विभागीय सचिव से लिखित रूप में करने की बात कही।

























