जुगसलाई वार्ड-9 में बवाल: संवेदनशील बूथ पर सुरक्षा चूक का आरोप, चुनाव आयोग व जिला प्रशासन पर उठे सवाल

जमशेदपुर, 23 फरवरी : जुगसलाई नगर परिषद के वार्ड संख्या 9 स्थित बूथ नंबर 1 (सेंट जॉन स्कूल) में सोमवार को मतदान के दौरान जमकर हंगामा हुआ। घटना के बाद चुनाव आयोग और जिला प्रशासन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। भाजपा समर्थित प्रत्याशी रिंकू सिंह के समर्थकों ने संवेदनशील बूथ पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं किए जाने का आरोप लगाया है।
जानकारी के अनुसार, रिंकू सिंह के एक एजेंट ने कथित रूप से एक समुदाय विशेष की वोटिंग प्रक्रिया पर आपत्ति जताई, जिसके बाद विवाद बढ़ गया और मारपीट की घटना सामने आई। एजेंट के साथ कथित मारपीट की सूचना मिलते ही प्रत्याशी रिंकू सिंह स्वयं बूथ परिसर पहुंचीं। इसके बाद वे अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गईं और कथित वोट चोरी के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी।
समर्थकों का कहना है कि वार्ड संख्या 9 को पहले से ही “संवेदनशील” बूथ घोषित करने की मांग की गई थी और यहां केंद्रीय बलों की तैनाती की अपेक्षा थी। उनका आरोप है कि सीआरपीएफ की जगह केवल झारखंड पुलिस के जवानों को ड्यूटी पर लगाया गया, जिससे निष्पक्ष मतदान को लेकर आशंकाएं बनी रहीं।
धरने पर बैठे लोगों ने स्पष्ट कहा कि जब तक चुनाव आयोग और जिला उपायुक्त (डीसी) स्वयं हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच का आश्वासन नहीं देंगे, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय रहते पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए जाते तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
हालांकि, प्रशासन की ओर से अबतक इस मामले में आधिकारिक बयान नहीं आया था। वहीं, स्थानीय पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में बताकर मतदान प्रक्रिया को जारी रखने की बात कही है।
घटना ने चुनावी माहौल को और गर्मा दिया है। अब निगाहें चुनाव आयोग और जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि वे इस विवाद पर क्या रुख अपनाते हैं और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाते हैं।



