
सरायकेला-खरसावां पुलिस की बड़ी कामयाबी, पुलिस रिमांड में लिए गए माओवादियों की निशानदेही पर कुचाई और चांडिल के जंगलों में चला संयुक्त अभियान
सरायकेला/चांडिल, 10 अगस्त : प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के खिलाफ सरायकेला-खरसावां पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने माओवादियों द्वारा जंगलों में छिपाकर रखे गए हथियारों और विस्फोटकों का बड़ा जखीरा बरामद किया है। पुलिस रिमांड पर लिए गए माओवादियों से पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही पर कुचाई थाना क्षेत्र के सिकरम्बा जंगल और चांडिल थाना क्षेत्र के आसनबनी के ऊपर स्थित दलमा जंगल में संयुक्त अभियान चलाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में रायफल, पिस्टल, मैगजीन, जिंदा गोलियां और IED बरामद किए गए।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई कांड्रा थाना कांड संख्या 18/2026 के अनुसंधान के क्रम में की गई। इस मामले में गिरफ्तार भाकपा (माओवादी) के सब जोनल कमेटी सदस्य रवि सिंह सरदार उर्फ सागर सिंह सरदार उर्फ बिरेन सिंह उर्फ छोटा विजय, रिजनल कमेटी सदस्य सह बंगाल-झारखंड-ओडिशा सीमांत कमेटी सदस्य मदन महतो उर्फ चरण उर्फ शंकर महतो तथा सब जोनल कमांडर मीना पहाड़िया उर्फ नेपू पहाड़िया से पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ की गई थी।
राइफल से लेकर IED तक बरामद
संयुक्त अभियान में दो .303 राइफल, तीन मैगजीन और आठ चार्जर, एक देशी पिस्टल, एक 5.56 एमएम इंसास राइफल, एक 7.62 एमएम एसएलआर राइफल, एसएलआर के तीन मैगजीन और इंसास के चार मैगजीन बरामद किए गए।
इसके अलावा पुलिस ने 7.62 एमएम की 171 जिंदा गोलियां, 5.56 एमएम की 126 जिंदा गोलियां और 9 एमएम की 12 जिंदा गोलियां भी बरामद की हैं। दो 9 एमएम देशी पिस्टल मैगजीन भी बरामद हुए हैं।
सबसे महत्वपूर्ण बरामदगी में एक IED और दो डेटोनेटर शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, बरामद IED और डेटोनेटर को BDS टीम ने मौके पर ही नष्ट कर दिया।
कई सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर चलाया अभियान
माओवादियों के खिलाफ चलाए गए इस अभियान में सरायकेला-खरसावां जिला पुलिस के साथ 209 कोबरा, 26वीं वाहिनी SSB रांची और अन्य सशस्त्र बलों की संयुक्त भागीदारी रही। अभियान का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गीयारी ने किया।
अभियान में सरायकेला के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अनुभव भारद्वाज, चांडिल के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी शिव प्रकाश कुमार, SSB और कोबरा के अधिकारियों सहित जिले के विभिन्न थानों के थाना प्रभारी एवं पुलिस पदाधिकारी शामिल रहे।
सरायकेला-खरसावां पुलिस की बड़ी उपलब्धि
माओवाद प्रभावित इलाकों में जंगलों के भीतर छिपाकर रखे गए हथियारों और विस्फोटकों की इतनी बड़ी बरामदगी को सरायकेला-खरसावां पुलिस की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इस कार्रवाई से न केवल माओवादी संगठन के हथियार भंडारण तंत्र को बड़ा झटका लगा है, बल्कि सुरक्षा बलों ने संभावित हिंसक घटनाओं के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले हथियार और विस्फोटक भी अपने कब्जे में ले लिए हैं।
विशेष रूप से IED और डेटोनेटर की बरामदगी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि ऐसे विस्फोटकों का इस्तेमाल सुरक्षा बलों और आम लोगों को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है।
पुलिस के समन्वित अभियान की दिखी प्रभावी तस्वीर
सरायकेला-खरसावां पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना इसलिए भी की जानी चाहिए कि अभियान में जिला पुलिस के साथ कोबरा और SSB जैसी केंद्रीय सुरक्षा इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला। गिरफ्तार माओवादियों से पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही पर जंगल के दुर्गम इलाकों में छिपाए गए हथियारों तक पहुंचना सुरक्षा बलों की खुफिया एवं अभियानात्मक क्षमता को भी दर्शाता है।
पुलिस की यह कार्रवाई क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों पर दबाव बढ़ाने के साथ-साथ हथियारों के नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में एक बड़ी कामयाबी के रूप में देखी जा रही है।



