
चांडिल डैम के 116 गांवों के विस्थापितों का मुद्दा विधानसभा में गूंजा, विधायक सविता महतो ने पुनर्वास और सिंचाई का मुद्दा उठाया
चांडिल, 10 अगस्त : ईचागढ़ विधायक सविता महतो ने विधानसभा के तारांकित प्रश्नों के माध्यम से चांडिल डैम से प्रभावित विस्थापितों के पुनर्वास, मुआवजा और सिंचाई व्यवस्था का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। विधायक ने सरकार से 84 मौजा के 116 प्रभावित गांवों में लंबित पुनर्वास कार्यों को शीघ्र पूरा करने के साथ क्षेत्र में सिंचाई की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
विधानसभा में सरकार की ओर से दिए गए जवाब के अनुसार चांडिल डैम से कुल 116 गांव प्रभावित हुए हैं। इनमें 38 गांव पूर्ण तथा 78 गांव आंशिक रूप से प्रभावित हैं। डैम से कुल 19,177 विस्थापित परिवार प्रभावित हुए हैं। सरकार के अनुसार इनमें से 15,221 परिवारों की विकास पुस्तिका तैयार की जा चुकी है। आवास निर्माण अनुदान के लिए पात्र 13,965 परिवारों में से 12,852 परिवारों को भुगतान किया जा चुका है, जबकि 1,113 परिवारों का भुगतान अभी लंबित है।
पुनर्वास स्थलों की स्थिति भी पूरी तरह संतोषजनक नहीं है। सरकार के मुताबिक कुल 22 पुनर्वास स्थलों में महज 13 का आंशिक विकास हुआ है, जबकि नौ पुनर्वास स्थल अब भी अविकसित हैं। विधायक ने इन लंबित कार्यों को गंभीरता से लेते हुए सरकार से शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
वहीं, लिफ्ट सिंचाई योजना को लेकर सरकार ने बताया कि मैसाड़ा के समीप सुवर्णरेखा डैम से करीब 15 किलोमीटर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने पर लगभग 50 गांवों को लाभ मिल सकता है। इसके अलावा नीमडीह और कुकड़ू प्रखंड की 14 पंचायतों की करीब 9,336 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की योजना भी सरकार के विचाराधीन है।
विधायक सविता महतो ने सरकार के जवाब को असंतोषजनक बताते हुए कहा कि क्षेत्र में सिंचाई के लिए अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। उन्होंने 116 प्रभावित गांवों के लंबित पुनर्वास और अन्य कार्यों को शिविर लगाकर शीघ्र पूरा कराने के लिए विभाग को आवश्यक निर्देश देने की मांग की।
विधायक के आप्त सचिव एवं झामुमो के केंद्रीय सदस्य काबलू महतो ने बताया कि चांडिल डैम के विस्थापितों के हक-अधिकार और सुरक्षा के लिए हेमंत सरकार तथा विधायक सविता महतो प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि विधायक चांडिल डैम के जलस्तर की नियमित समीक्षा करती हैं और आवश्यकता के अनुसार प्रशासन को निर्देश देकर डैम के फाटक खुलवाने की पहल करती हैं।
काबलू महतो ने कहा कि ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के किसी भी नागरिक के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। विधायक सविता महतो जनता की समस्याओं के प्रति बेहद संवेदनशील हैं और विस्थापितों समेत क्षेत्र के लोगों के हक और अधिकार के लिए लगातार आवाज उठाती रहेंगी।



