
एक सप्ताह से ट्रांसफार्मर खराब, अंधेरे में गांव के सैकड़ों परिवार – बिजली विभाग के खिलाफ ग्रामीणों में आक्रोश
चांडिल, 10 अगस्त : प्रखंड अंतर्गत रामगढ़ गांव में शिव मंदिर के नीचे पानी टंकी के सामने लगा 100 KVA का ट्रांसफार्मर पिछले एक सप्ताह से खराब पड़ा है। ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण गांव के सैकड़ों परिवारों को लगातार बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में जंगल किनारे बसे गांव में अंधेरा होने से ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है।
रबिन सिंह सरदार ने बताया कि रात के समय बिजली नहीं रहने से जहरीले कीड़े-मकोड़े, बिच्छू और सांपों का खतरा बना रहता है। वहीं बिजली संकट के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के इस मौसम में बिजली के अभाव में बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष परेशानी झेलनी पड़ रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि ट्रांसफार्मर खराब होने की सूचना बिजली विभाग के जेई को दूरभाष के माध्यम से भी दी जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक ट्रांसफार्मर की मरम्मत या उसे बदलने की दिशा में ठोस पहल नहीं की गई है। इसे लेकर ग्रामीणों में विभाग के प्रति भारी नाराजगी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि किसी कंपनी या औद्योगिक प्रतिष्ठान में बिजली की समस्या आने पर विभाग के अधिकारी रात-दिन एक कर आपूर्ति बहाल करने में जुट जाते हैं, लेकिन जब गांव के सैकड़ों परिवारों की समस्या आती है तो विभागीय स्तर पर सुस्ती दिखाई देती है। ग्रामीणों ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर गांव के लोगों को निर्बाध बिजली का अधिकार कब मिलेगा?
ग्रामीणों ने बिजली विभाग के सहायक अभियंता और संबंधित जेई से मामले को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए तत्काल खराब 100 KVA के ट्रांसफार्मर को दुरुस्त अथवा बदलने की मांग की है, ताकि लोगों को अंधेरे से निजात मिल सके।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द बिजली व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो गांव में ग्रामसभा की बैठक आयोजित कर बिजली विभाग के खिलाफ आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय तक इस तरह की परेशानी झेलने को तैयार नहीं हैं और आवश्यकता पड़ने पर विभाग के खिलाफ मोर्चा खोला जाएगा।



