चांडिल में आदिवासी सामाजिक संगठन का धरना 8 अक्टूबर को, चार सूत्री मांग पत्र राष्ट्रपति को सौंपा जाएगा

चांडिल, 03 अक्टूबर : आदिवासी सामाजिक संगठन, चांडिल अनुमंडल की ओर से आगामी 8 अक्टूबर, बुधवार को एक दिवसीय धरना कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके लिए संगठन ने अनुमंडल पदाधिकारी, चांडिल को पत्र सौंपा है। धरना कार्यक्रम के दौरान संगठन का चार सूत्री मांग पत्र भारत के राष्ट्रपति के नाम प्रेषित किया जाएगा।
संगठन के सदस्यों ने जानकारी दी कि यह धरना सुबह 10 बजे से अपराह्न 3 बजे तक चांडिल अनुमंडल परिसर में शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित होगा।
संगठन की मुख्य मांगें :
झारखंड राज्य में 1996 पेशा कानून को पूर्ण रूप से लागू किया जाए। कुरमी/कुड़मी जाति को अनुसूचित जनजाति (ST) सूची में शामिल नहीं किया जाए।झारखंड राज्य ग्रामराज्य पंचायत अधिनियम 2011 की नियमावली को निरस्त किया जाए। केंद्र सरकार द्वारा घोषित जातीय जनगणना को शीघ्र पूरा किया जाए।
संगठन ने प्रशासन से आग्रह किया है कि धरना के दौरान विधि-व्यवस्था एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग सुनिश्चित किया जाए।
धरना की तैयारी को लेकर संगठन के कार्यकर्ता और ग्रामीण विभिन्न गांवों में लगातार प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। इस अवसर पर संगठन के मांझी बाबा संजीव टुडू, सुधीर किस्कू, लाया भूषण पहाड़िया, शक्तिपद हांसदा, सुकलाल पहाड़िया, मंगल पहाड़िया, धीरेन पहाड़िया, कान्हू पहाड़िया, प्रह्लाद उरांव, गुरूचरण लोहार, रमेश मुर्मु, बुद्धेश्वर मांझी, मिथुन मांझी, दिनेश मुंडा, रूपेश भूमिज सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।



