चांडिल : शहरबेड़ा-कांदरबेड़ा के बीच हाथी अंडरपास में जलजमाव, वन्यजीवों की आवाजाही पर असर

चांडिल, 19 जुलाई : सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र अंतर्गत टाटा-रांची राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-33) पर शहरबेड़ा और कांदरबेड़ा के बीच स्थित हाथी अंडरपास में इन दिनों भारी जलजमाव देखा जा रहा है। यह अंडरपास दलमा वन्यजीव आश्रयणी क्षेत्र से आने-जाने वाले हाथियों समेत अन्य वन्यजीवों के सुरक्षित पारगमन के उद्देश्य से बनाया गया था। परंतु लगातार बारिश के कारण यहां पानी भर गया है, जिससे वन्यजीवों की आवाजाही पर असर पड़ सकता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, जलजमाव के कारण वन्य प्राणियों के साथ साथ पालतू जानवरों को इस मार्ग से गुजरने में कठिनाई हो रही है। जलजमाव के कारण वन्य प्राणियों के पारंपरिक आवागमन में बाधा उत्पन्न हो रही है। वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह अंडरपास एक महत्वपूर्ण संरचना है, जो सड़क पार करते समय दुर्घटना की आशंका को कम करता है।
जल निकासी की आवश्यकता पर जोर
ग्रामीणों ने यह मांग की है कि अंडरपास क्षेत्र में जल निकासी की समुचित व्यवस्था की जाए, ताकि वर्षा के मौसम में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न न हो। उनका कहना है कि जलभराव से वन्यजीवों की दिशा बदल सकती है, जिससे वे आबादी वाले क्षेत्रों की ओर मुड़ सकते हैं।
हालांकि विशेषज्ञ स्तर की कोई तकनीकी रिपोर्ट सामने नहीं आई है, फिर भी स्थानीय निवासियों की आशंका है कि लंबे समय तक जलजमाव रहने से अंडरपास की संरचना पर असर पड़ सकता है। इसको लेकर संबंधित विभागों द्वारा तकनीकी निरीक्षण की मांग की जा रही है।
वन्यजीव-मानव संघर्ष की आशंका
दलमा क्षेत्र के हाथी आमतौर पर इस मार्ग का उपयोग करते हैं। यदि वे वैकल्पिक मार्ग अपनाने को बाध्य होते हैं, तो यह मानव-वन्यजीव टकराव की संभावना को बढ़ा सकता है। इससे न केवल वन्यजीवों की सुरक्षा प्रभावित होगी, बल्कि ग्रामीण जीवन और फसलों पर भी प्रभाव पड़ सकता है।
वन्यजीवों के संरक्षण और सुरक्षित आवाजाही के लिए बनाए गए इस अंडरपास की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे में संबंधित विभागों द्वारा समय रहते आवश्यक निरीक्षण और सुधारात्मक कार्यों की पहल अपेक्षित है, ताकि यह संरचना अपनी मूल भूमिका को प्रभावी रूप से निभा सके और वन्यजीवों को अनुकूल वातावरण मिल सके।



