मंत्री का शिलान्यास, जनप्रतिनिधियों की चुप्पी और जनता की मजबूरी

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मंत्री का शिलान्यास, जनप्रतिनिधियों की चुप्पी और जनता की मजबूरी

जहां नेता फेल हुए, वहां युवाओं ने संभाली जिम्मेदारी

ईचागढ़, 31 जनवरी : सरायकेला–खरसावां जिले के ईचागढ़ प्रखंड में प्रस्तावित देवलटांड–रड़गांव सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास करीब दो वर्ष पूर्व केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री द्वारा किया गया था, लेकिन आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। शिलान्यास के बाद भी जमीनी काम आगे न बढ़ने से क्षेत्र के लोगों में नाराजगी और निराशा दोनों गहराती जा रही हैं। सड़क निर्माण अधर में रहने का सीधा असर इसी मार्ग पर स्थित नाला पर बनने वाले पुल पर पड़ा है।

पुल के अभाव में ग्रामीणों को रोज़ जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ता है। बरसात के दिनों में नाला उफान पर रहता है, जिससे हालात और भयावह हो जाते हैं। स्कूली विद्यार्थी, बुजुर्ग, मरीज और दुपहिया वाहन चालक सबसे ज्यादा परेशान हैं।

जहां व्यवस्था चुप रही, वहां युवाओं ने संभाली जिम्मेदारी

प्रशासनिक उदासीनता के बीच स्थानीय युवाओं ने पहल करते हुए सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया। युवाओं ने सीमेंट के बेकार पड़े बिजली पोल का उपयोग कर श्रमदान से नाला पर एक अस्थायी रास्ता तैयार किया। इससे फिलहाल राहगीरों को राहत मिली है और देवलटांड–रड़गांव मार्ग पर आवाजाही कुछ हद तक संभव हो सकी है।

ग्रामीणों ने युवाओं के प्रयास की सराहना करते हुए साफ कहा कि यह व्यवस्था मजबूरी का नतीजा है, स्थायी समाधान नहीं। यदि समय पर सड़क और पुल का निर्माण शुरू हो जाता, तो जान जोखिम में डालकर ऐसे अस्थायी रास्ते बनाने की जरूरत ही नहीं पड़ती।

स्थायी समाधान की मांग तेज

ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से सड़क व पुल निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि शिलान्यास के बाद भी वर्षों तक काम शुरू न होना जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ है। अब जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को कागजी घोषणाओं से आगे बढ़कर ज़मीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई करनी होगी, ताकि क्षेत्रवासियों को सुरक्षित और स्थायी आवागमन की सुविधा मिल सके।

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