भव्य प्रचार से दूरी, भरोसे की डोर से जुड़ीं शर्मा — वार्ड 17 में ‘डोर-टू-डोर मॉडल’ बना चर्चा का केंद्र

आदित्यपुर, 14 फरवरी : आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में 23 फरवरी को होने वाले निकाय चुनाव को लेकर वार्ड 17 का मुकाबला इस बार एक अलग ही अंदाज में आकार लेता दिख रहा है। जहां अन्य प्रत्याशी जातीय समीकरणों, आकर्षक मेनिफेस्टो और बड़े-बड़े प्रचार वाहनों के सहारे चुनावी मैदान में उतर रहे हैं, वहीं निवर्तमान पार्षद नीतू शर्मा ने प्रचार की पारंपरिक शैली से हटकर भरोसे और संवाद को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया है।
नीतू शर्मा बिना किसी भव्य घोषणा पत्र और प्रचार रथ के, महिलाओं की टोली के साथ घर-घर दस्तक दे रही हैं। उनका कहना है कि चुनावी वादों से ज्यादा मायने पिछले पांच वर्षों में किए गए कार्य और जनता से बना विश्वास रखते हैं। यही कारण है कि वे सीधे वार्डवासियों से संवाद कर अपनी उपलब्धियों और आगामी योजनाओं को साझा कर रही हैं।
अपने जनसंपर्क अभियान के दौरान नीतू शर्मा ने स्पष्ट किया कि सरकार की ओर से संचालित सभी नागरिक सुविधाओं—वृद्धा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, सड़क, नाली, गली एवं अन्य आधारभूत संरचना से जुड़े कार्य—को शत-प्रतिशत क्रियान्वित करना उनकी प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि पारदर्शी और सतत सेवा व्यवस्था को सुनिश्चित करना है।
वार्ड 17 में उनके अभियान के दौरान महिलाओं और स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी देखी जा रही है। समर्थकों का दावा है कि बीते कार्यकाल में उन्होंने जो भी वादे किए, उन्हें जमीन पर उतारा। यही वजह है कि इस बार भी वे व्यक्तिगत संपर्क के जरिए जनता का समर्थन मांग रही हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बड़े संसाधनों की बजाय भरोसे और संवाद पर आधारित यह रणनीति वार्ड 17 के चुनावी समीकरण को नया मोड़ दे सकती है। भव्यता से परे, सादगी और प्रत्यक्ष संवाद का यह मॉडल चुनावी राजनीति में एक अलग संदेश देता नजर आ रहा है।



