“सेवा का अधिकार सप्ताह” के तहत 21 पंचायतों में विशेष शिविर आयोजित, उपायुक्त ने मुड़कुम पंचायत में किया निरीक्षण

सरायकेला, 25 नवंबर : “सेवा का अधिकार सप्ताह” के चौथे दिन जिले के 21 ग्राम पंचायतों और नगर निकाय क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में विशेष पंचायत स्तरीय शिविरों का आयोजन किया गया। शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विभिन्न सेवाओं एवं योजनाओं से संबंधित आवेदन जमा किए। अब तक जिले में 22,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
उपायुक्त सरायकेला–खरसावाँ नितिश कुमार सिंह ने सभी बीडीओ, सीओ तथा विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
आज जिन पंचायतों में शिविर आयोजित किए गए, उनमें सरायकेला प्रखंड के कमलपुर और मुड़कुम, खरसावाँ प्रखंड के दलाइकेला और जोजोडीह, कुचाई प्रखंड के रुगुडीह और मरांगहातु, राजनगर के डुमरडीह, बाना और गेंगरूली, गम्हरिया के डूडरा, जयकान और ईटागढ़, चांडिल के हेसाकोचा, मतकमडीह और धुनाबुरु, इचागढ़ प्रखंड के लेपाटांड और चिमटीया, नीमडीह प्रखंड के गुंडा और आदरडीह तथा कुकड़ू प्रखंड के ईचाडीह और जानुम पंचायत शामिल हैं। नगर निकाय क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में भी नागरिकों की समस्याओं और योजनाओं से संबंधित आवेदन लिए गए।
शिविर में आय, जाति, आवासीय, जन्म–मृत्यु प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, दाखिल–खारिज, भूमि धारण प्रमाण पत्र, भूमि मापी, दिव्यांग, विधवा एवं वृद्धा पेंशन सहित झारखंड राज्य सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 के अंतर्गत दी जाने वाली विभिन्न सेवाओं के आवेदन स्वीकार किए गए। साथ ही SHG/क्लस्टर सदस्यों के बीच आईडी कार्ड का वितरण भी किया गया। यह अभियान 21 से 29 नवंबर तक संचालित होगा।
सरायकेला प्रखंड के मुड़कुम पंचायत में आयोजित शिविर का निरीक्षण करते हुए उपायुक्त ने शिविर संचालन की विस्तृत समीक्षा की और सफल क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभागीय स्टॉलों पर योजनाओं से संबंधित आवेदन की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे तथा संबंधित पदाधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। उन्होंने प्राप्त आवेदनों की समीक्षा कर अधिकतम मामलों के शीघ्र और नियमानुसार निष्पादन का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी लेने, पात्रता के अनुसार आवेदन जमा करने तथा आसपास के वंचित परिवारों को भी शिविर में भाग लेने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करने की अपील की। साथ ही विभिन्न योजनाओं के तहत चयनित लाभुकों के बीच परिसंपत्ति वितरण और आवश्यक मार्गदर्शन देने के निर्देश भी दिए।



