हाथियों के आतंक से त्रस्त कुकड़ू प्रखंड : JLKM प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से की मुलाकात, मुआवजा और राहत की मांग

सरायकेला/ चांडिल, 01 अगस्त : सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल अनुमंडल क्षेत्र अंतर्गत कुकड़ू प्रखंड इन दिनों जंगली हाथियों के लगातार हमलों से बुरी तरह प्रभावित है। फसलें बर्बाद हो रही हैं, ग्रामीणों के घर क्षतिग्रस्त हो रहे हैं और इलाके में दहशत का माहौल है। इन समस्याओं को लेकर झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को उपायुक्त से मुलाकात कर तत्काल राहत और मुआवजा की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व JLKM के केंद्रीय सचिव गोपेश्वर महतो ने किया। उन्होंने बताया कि वन विभाग हाथियों से हुए नुकसान का मुआवजा यह कहकर नहीं दे रहा है कि यह क्षेत्र चांडिल डैम के डूबी क्षेत्र में आता है। प्रतिनिधिमंडल ने इसे विस्थापितों के साथ अन्याय बताया और कहा कि डूब क्षेत्र में होने का मतलब यह नहीं कि यहां के लोगों को राहत और मुआवजा से वंचित रखा जाए।
गोपेश्वर महतो ने कहा, “यहां के ग्रामीण पहले ही चांडिल डैम के कारण विस्थापन झेल चुके हैं। अब जंगली हाथियों की वजह से दोबारा संकट में हैं। यह सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि उन्हें तत्काल सहायता प्रदान की जाए।”
प्रतिनिधिमंडल की बातों को उपायुक्त ने गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि इस मुद्दे को वन विभाग सहित संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर सुलझाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी गंभीरता से इस विषय पर कार्रवाई करेगा और प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल में विद्रोही बिष्णु (केंद्रीय उपाध्यक्ष, JLKM युवा मोर्चा), प्रताप महतो (कोल्हान प्रमंडल अध्यक्ष, युवा मोर्चा), राकेश रंजन महतो (अध्यक्ष, विस्थापित अधिकार मंच), पवन महतो समेत अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।
ग्रामीणों की मांग है कि प्रभावित क्षेत्रों का त्वरित सर्वे कराया जाए और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू की जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके। वहीं हाथियों को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर भगाने एवं उन्हें जंगलों में रखने का स्थायी समाधान किया जाए।



