स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2025 को लेकर समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित

ग्राम्य भारत को स्वच्छ, स्वस्थ और समृद्ध बनाने के संकल्प के साथ जुटे पदाधिकारी
सरायकेला, 04 जुलाई: जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आज समाहरणालय सभागार में एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला की अध्यक्षता उपायुक्त-सह-अध्यक्ष, जिला जल एवं स्वच्छता समिति, नितिश कुमार सिंह ने की।
कार्यशाला का उद्देश्य जिले में स्वच्छता, पेयजल प्रबंधन एवं जनभागीदारी को और अधिक सशक्त करना तथा सर्वेक्षण से जुड़ी प्रक्रिया एवं मूल्यांकन मानकों से पदाधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों को अवगत कराना था। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत आयोजित यह कार्यशाला आगामी राष्ट्रीय सर्वेक्षण में जिले के बेहतर प्रदर्शन को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई।
कार्यक्रम के दौरान राज्य स्तरीय प्रशिक्षक आजाद ने प्रतिभागियों को सर्वेक्षण की तकनीकी प्रक्रियाएं, मूल्यांकन मानक, गुणवत्ता आधारित रैंकिंग प्रणाली, ओडीएफ स्थायित्व, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन तथा जनजागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह सर्वेक्षण Academy of Management Studies नामक स्वतंत्र एजेंसी के माध्यम से संचालित किया जा रहा है, जो ग्राम स्तर पर स्वच्छता के मानकों का आकलन कर जिलों एवं राज्यों को राष्ट्रीय स्तर पर रैंकिंग प्रदान करती है।
उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि स्वच्छता सिर्फ एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि यह जनभागीदारी से चलने वाला जनआंदोलन है। ग्राम्य भारत को स्वच्छ, स्वस्थ एवं समृद्ध राष्ट्र के रूप में विकसित करने के लिए सभी की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है।
कार्यशाला में उप विकास आयुक्त रीना हांसदा, जिला पंचायती राज पदाधिकारी सुरेन्द्र उरांव, कार्यपालक अभियंता (पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल), सिविल सर्जन, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, राज्य स्तरीय प्रशिक्षक सहित संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
कार्यशाला में हुई चर्चाओं एवं प्रशिक्षण के माध्यम से यह स्पष्ट हुआ कि जिले में स्वच्छता अभियान को नई दिशा देने के लिए सभी विभाग मिलकर ठोस रणनीति के साथ आगे बढ़ेंगे।



