मानभूम अपडेट में प्रमुखता से प्रकाशित की गई थी खबर, ग्रामीणों में खुशी


उल्लेखनीय है कि इस संबंध में ग्रामीणों ने उपायुक्त के नाम प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को लिखित ज्ञापन सौंपते हुए प्रभारी प्रधानाध्यापक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। ग्रामीणों का आरोप था कि विद्यालय में प्रत्येक माह होने वाली विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) की बैठक की सूचना नहीं दी जाती है। प्रधानाध्यापक स्वयं ही बैठक की औपचारिकता पूरी कर लेते हैं और अध्यक्ष एवं अन्य सदस्यों के नकली हस्ताक्षर कर कागजी खानापूर्ति कर देते हैं। इतना ही नहीं, ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया था कि प्रभारी प्रधानाध्यापक अक्सर विद्यालय से अनुपस्थित रहते हैं और विद्यालय के एक कक्ष का उपयोग अपने निजी कार्यों के लिए करते हैं। शिकायत में कहा गया है कि विद्यालय परिसर में निजी सामान जैसे सीमेंट व सरिया आदि रखे गए हैं, जो शिक्षा के माहौल को बाधित कर रहा है।
ग्रामीणों के द्वारा लगाए आरोपी की विभागीय जांच की गई। मानभूम अपडेट समाचार पोर्टल ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। ग्रामीणों के आवाज को विभागीय उच्च पदाधिकारियों तक पहुंचाने में प्रमुख कड़ी का काम किया था। इसके बाद हुई विभागीय जांच में प्रभारी प्रधानाध्यापक पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि होने के बाद नीमडीह के प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी ने कार्रवाई की। कारवाई होने के बाद ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने आशा व्यक्त किया है कि अब विद्यालय में पठन-पाठन का माहौल में सुधार होगा और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी।


