झारखंड विधानसभा में गूँजी विकलांग जनों की राजनीतिक भागीदारी की माँग, मंगल कालिंदी ने उठाया मुद्दा

जमशेदपुर, 28 अगस्त : झारखंड पंचायत राज अधिनियम में संशोधन कर विकलांग जनों को पंचायत चुनाव में प्रतिनिधित्व देने की माँग अब विधानसभा तक पहुँच गई है। जुगसलाई के विधायक मंगल कालिंदी ने गुरुवार को विधानसभा के मानसून सत्र के शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि विकलांग जनों के लिए आरक्षण और विशेष प्रावधान किया जाना चाहिए, ताकि लोकतंत्र की मूल भावना – समानता, सामाजिक न्याय और सहभागी शासन – साकार हो सके।
गौरतलब है कि हाल ही में झारखंड विकलांग मंच के नेतृत्व में अरुण कुमार ने विधायक मंगल कालिंदी को ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में मांग की गई थी कि पंचायत चुनावों में विकलांग जनों को प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए। इसी को गंभीरता से लेते हुए विधायक ने सदन में यह मुद्दा उठाया।
मंगल कालिंदी ने सदन में कहा कि, “झारखंड में विकलांग जन बड़ी संख्या में हैं और समाज के हर क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। लेकिन राजनीतिक प्रतिनिधित्व से वे अब भी वंचित हैं। रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य की तरह राजनीतिक भागीदारी भी उनका संवैधानिक अधिकार है।”
उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार), अनुच्छेद 15 (भेदभाव का निषेध) और अनुच्छेद 41 (निर्बल वर्गों को सहायक अवसर प्रदान करना) का हवाला देते हुए कहा कि विकलांग नागरिकों को शासन-प्रशासन और निर्णय प्रक्रिया में बराबरी का अवसर मिलना चाहिए।
राज्यभर के विकलांग जनों ने इस पहल का स्वागत किया और विभिन्न माध्यमों से विधायक मंगल कालिंदी को बधाई दी।
सामाजिक कार्यकर्ता दीपक रंजीत ने इसे ऐतिहासिक करार देते हुए कहा –
“यदि विकलांग जनों को पंचायत चुनाव में भागीदारी मिलती है तो यह एक बड़ी उपलब्धि होगी और इसमें मंगल दा (विधायक मंगल कालिंदी) का नाम विकलांग समाज कभी नहीं भूलेगा।”
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़, तमिलनाडु और राजस्थान जैसे राज्यों में पहले से ही पंचायत चुनावों में विकलांग जनों को प्रतिनिधित्व का अधिकार दिया जा चुका है। ऐसे में झारखंड सरकार से भी अपेक्षा की जा रही है कि वह इस संवैधानिक अधिकार को लागू कर विकलांग जनों को राजनीतिक भागीदारी दिलाए।
झारखंड विकलांग मंच का साफ कहना है कि विकलांग जन केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि निर्णय-निर्माता बनें – यही वास्तविक लोकतंत्र की पहचान है। मंच ने राज्य सरकार से तत्काल कदम उठाने की अपील की है।



