

चांडिल अंचल कार्यालय पर सैकड़ों महिला-पुरुषों ने दिया धरना, सात दिनों में कार्रवाई नहीं होने पर कंपनी घेराव की चेतावनी
चांडिल, 27 अक्टूबर : सरायकेला खरसावां जिले के चौका थाना क्षेत्र के कुरली गांव में आदिवासी जमीन विवाद ने तूल पकड़ लिया है। खूंटी पंचायत अंतर्गत कुरली में स्थित मेसर्स जय मंगला स्पंज आयरन प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधन पर आदिवासी रैयत सनाराम माझी की जमीन पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगा है। मामले में कार्रवाई नहीं होने से नाराज झारखंड श्रमिक संघ (झामुमो) ने केंद्रीय महासचिव शैलेंद्र मैथी के नेतृत्व में मंगलवार को चांडिल प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। संघ ने चेतावनी दी कि सात दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो कंपनी के खिलाफ आंदोलन तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों महिला-पुरुष रैली की शक्ल में चांडिल प्रखंड कार्यालय पहुंचे और धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि लिखित शिकायत देने के बावजूद अब तक मामले में कार्रवाई नहीं हुई है।
चारदीवारी निर्माण और पेड़ काटने का आरोप
झारखंड श्रमिक संघ के अनुसार, कंपनी प्रबंधन पर आरोप है कि सनाराम माझी की निजी जमीन का गैरकानूनी तरीके से हस्तांतरण कर वहां चारदीवारी का निर्माण कराया गया। साथ ही जमीन की मेड़ को समतल करने और पलाश के पेड़ों को काटने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़ित परिवार ने 16 अक्टूबर 2026 को चांडिल के अंचल अधिकारी को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत की प्रतिलिपि उपायुक्त, भूमि सुधार उप समाहर्ता (एलआरडीसी), अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और झारखंड सरकार को भी भेजी गई थी। संघ का कहना है कि शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
थाने में प्राथमिकी दर्ज नहीं करने का आरोप
संघ ने आरोप लगाया कि पीड़ित पक्ष 21 अक्टूबर को प्राथमिकी दर्ज कराने चौका थाना पहुंचा था, लेकिन थाना प्रभारी की अनुपस्थिति में वहां मौजूद मुंशी ने आवेदन लेने से इनकार कर दिया। संघ के मुताबिक, दूरभाष पर संपर्क करने पर थाना प्रभारी ने इसे जमीन विवाद का मामला बताते हुए अंचल अधिकारी के पास जाने की सलाह दी। इसके बाद आवेदक ने भारतीय पोस्टल ऑर्डर के माध्यम से थाना को प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आवेदन भेजा। संघ ने इस पूरे घटनाक्रम की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
‘कार्रवाई नहीं हुई तो कंपनी का घेराव करेंगे’
झारखंड श्रमिक संघ के केंद्रीय महासचिव शैलेंद्र मैथी ने कहा कि आदिवासियों की जमीन की सुरक्षा के मामले में प्रशासन को गंभीरता दिखानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में आदिवासियों की जमीन के हस्तांतरण में अनियमितताएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले की जानकारी अंचल अधिकारी को पहले भी दी गई थी और 16 अक्टूबर को लिखित शिकायत भी सौंपी गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
मैथी ने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो संघ कंपनी का घेराव कर आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा कि जब तक मामले में उचित निर्णय नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।
पीड़ित परिवार ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग
जमीन मालिक के परिजन रीजू माझी ने आरोप लगाया कि उनके परिवार की जमीन पर अवैध रूप से चारदीवारी बना दी गई है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कई अधिकारियों को लिखित शिकायत देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चौका थाना में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आवेदन देने के दौरान उसे स्वीकार नहीं किए जाने का भी आरोप लगाया। रीजू माझी ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि न्याय नहीं मिलने पर संघ के साथ मिलकर और बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
जमीन की सुरक्षा और कानूनी कार्रवाई की मांग
झारखंड श्रमिक संघ ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है। संघ का कहना है कि यदि जांच में अनुसूचित जनजाति से संबंधित भूमि कानूनों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़ित परिवार सहित क्षेत्र के अन्य रैयतों की जमीन भी सुरक्षित रह सके।
प्रदर्शन में प्रफुल सिंह मुंडा, सुधाकर गोप, रीजू माझी, सुखलाल माझी, खुदीराम मुंडा, सागर सोरेन, श्रीराम माझी, गौर हांसदा, मैथालाल कर्मकार, बाबलू सिंह सरदार, सनातन मुंडा, शिवू सोरेन, दिलीप प्रमाणिक, राम हांसदा, सुखराम टुडू, पतिराम माझी, संजीव टुडू, बलराम माझी और रूपचांद कालिंदी सहित सैकड़ों महिला-पुरुष शामिल हुए।
इस मामले में कंपनी प्रबंधन और जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हो सकी है।



