चांडिल : काठजोड़ में आदिवासी भुमिज समाज की बैठक, हाड़शाली भूमि पर अतिक्रमण का विरोध, आंदोलन की चेतावनी – वन विभाग पर लगे गंभीर आरोप

चांडिल, 26 जुलाई : सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल प्रखंड अंतर्गत काठजोड़ गांव में आदिवासी भुमिज समाज की एक आपात बैठक ग्राम प्रधान आनंद सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक का मुख्य मुद्दा गांव स्थित सांवतिया गोत्र की पारंपरिक हाड़शाली/श्मशान भूमि पर असामाजिक तत्वों द्वारा किए जा रहे अतिक्रमण को लेकर था।
बैठक में उपस्थित ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बताया कि हाड़शाली भूमि पर न सिर्फ हल चलाया गया, बल्कि पूर्वजों की हड़गड़ी (अस्थि स्तंभ) को भी उखाड़ दिया गया है। इससे समाज के लोगों की भावनाओं को गहरा आघात पहुँचा है।
साथ ही आरोप लगाया गया कि वन विभाग ने बिना खाता-खतियान की जाँच किए, असामाजिक तत्वों के उकसावे में आकर उक्त हड़शाली भूमि पर तालाब निर्माण करवा दिया। इससे न केवल आदिवासी भुमिज समाज की पारंपरिक संस्कृति और रुढ़ी परंपरा को ठेस पहुंची है, बल्कि उनकी स्वशासन व्यवस्था पर भी कुठाराघात हुआ है।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अगर शीघ्र ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर उचित समाधान नहीं निकाला गया, तो भुमिज समाज को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
बैठक में ग्राम प्रधान आनंद सिंह के अलावा, मुखिया पति शत्रुघ्न सिंह, अमर सिंह सरदार, राधेश्याम सिंह सरदार, भक्तरंजन भुमिज, रविन्द्र सरदार, शिवेश्वर सिंह, विश्वनाथ सिंह सरदार, रविन्द्रनाथ सिंह, देवेन सिंह, मकर सिंह सहित चांडिल, नीमडीह और पटमदा क्षेत्र से कई सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।
समाज के लोगों ने प्रशासन से अविलंब हस्तक्षेप करने और पारंपरिक हाड़शाली भूमि की रक्षा करने की मांग की है।



