नदियों में जलस्तर वृद्धि को लेकर जिला प्रशासन सतर्क, उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक ने प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण

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नदियों में जलस्तर वृद्धि को लेकर जिला प्रशासन सतर्क, उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक ने प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण

सरायकेला, 26 जुलाई : जिले में लगातार हो रही भारी वर्षा तथा मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी के आलोक में स्वर्णरेखा एवं खरकई नदियों सहित जिले के विभिन्न जलाशयों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। संभावित आपदा की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन सतर्क है तथा समुचित प्रबंधन एवं सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिला के उपायुक्त नितिश कुमार सिंह तथा पुलिस अधीक्षक मुकेश लूणायत ने शनिवार को आदित्यपुर, गम्हरिया, आरआईटी एवं गंजिया बराज सहित विभिन्न तटीय एवं डूब क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को जनसुरक्षा, त्वरित आपदा प्रतिक्रिया एवं राहत व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक निर्देश दिया।

उपायुक्त ने दिए केई निर्देश

उपायुक्त ने सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी विशेष रूप से तटीय एवं डूब क्षेत्र वाले क्षेत्रों में जलाशयों से जल छोड़े जाने की संभावित स्थिति को देखते हुए निरंतर निगरानी एवं सतर्कता बनाए रखने। बिजली, पेयजल, नगर परिषद, नगर पंचायत एवं सिविल निर्माण विभाग जलभराव या जनसुरक्षा से संबंधित समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई कर समाधान सुनिश्चित करने। जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वे विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी करें तथा जलभराव या जोखिम की स्थिति में उन्हें आवश्यकतानुसार बंद अथवा स्थानांतरित करने की योजना बनाने। मुखिया, पंचायत प्रतिनिधि एवं ग्रामीण विकास विभाग के कार्मिकों को अलर्ट पर रखा गया है ताकि जनसम्पर्क, सूचनाओं के प्रचार एवं राहत कार्यों का समुचित निष्पादन सुनिश्चित किया जा सके।

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को निर्देशित किया गया है कि जलस्तर में वृद्धि से प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी एवं सावधानी संबंधी संदेशों का प्रचार-प्रसार माइकिंग, सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से निरंतर किया जाए। जिला स्वास्थ्य विभाग को सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आपातकालीन दवाओं, चिकित्सा कर्मियों, चलंत चिकित्सा इकाई (MMU) एवं पर्याप्त संख्या में एम्बुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। अनुमंडल एवं प्रखंड स्तरीय नियंत्रण कक्ष को 24×7 सक्रिय रखते हुए संबंधित विभागों के साथ समन्वय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

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