नगड़ी में रिम्स-02 के विरोध में ‘हल जोतो-रोपा रोपो’ आंदोलन, प्रशासन अलर्ट – पत्रकार तीर्थनाथ आकाश व सुनीता मुंडा को लिखित बॉन्ड पर छोड़ा

रांची, 24 अगस्त: राजधानी रांची के नगड़ी क्षेत्र में आज रिम्स-02 के विरोध में आदिवासी संगठनों और किसानों ने ‘हल जोतो-रोपा रोपो’ आंदोलन का आह्वान किया है। इस आंदोलन की अगुवाई झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन कर रहे हैं। आंदोलन के मद्देनज़र बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के जुटने की संभावना है। वहीं, प्रशासन ने विरोध प्रदर्शन को रोकने और इसके प्रभाव को सीमित करने के लिए कड़ी तैयारी शुरू कर दी है।

पत्रकारों को रातभर थाने में बिठाया गया
रांची प्रशासन की कार्यशैली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। बीती रात रांची पुलिस ने पत्रकार तीर्थनाथ आकाश और सुनीता मुंडा को बिना किसी स्पष्ट कारण और एफआईआर दर्ज किए हिरासत में लिया। दोनों को थाने में घंटों बैठाने के बाद लिखित बांड भरवाकर छोड़ा गया। बांड में उनसे यह लिखवाया गया कि वे नगड़ी के विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे और आज रांची जिले में नहीं रहेंगे।

अन्य जिलों से आ रहे प्रदर्शनकारियों को रोका गया
आंदोलन में शामिल होने के लिए सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिम सिंहभूम जिलों से लोग रांची की ओर रवाना हुए थे। लेकिन पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। चांडिल पुलिस ने टाटा-रांची नेशनल हाईवे पर कांदरबेड़ा चौक तथा गोलचक्कर पर वाहनों की सघन जांच की और संदिग्ध लोगों को रोककर वापस भेज दिया। इसी तरह, कांड्रा में भी सरायकेला और खरसावां क्षेत्र से आने वाले प्रदर्शनकारियों को रोक दिया गया।
सरकार बनाम आंदोलनकारियों का टकराव गहराया
नगड़ी का यह आंदोलन सरकार और आदिवासी संगठनों के बीच टकराव को और तेज करता दिख रहा है। आंदोलनकारियों का कहना है कि रिम्स-02 परियोजना आदिवासी किसानों की भूमि और आजीविका के लिए खतरा है, जबकि सरकार इसे राज्य की स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम बता रही है।



