नवपत्रिका प्रवेश के साथ देवी दुर्गा की आराधना शुरू, भक्ति में लीन हुए श्रद्धालु

चांडिल, 29 सितंबर : शारदीय नवरात्रि के महसप्तमी के दिन सोमवार को नवपत्रिका प्रवेश के साथ देवी दुर्गा की आराधना शुरू हो गई है। पवित्र नदी व जलाशयों में केला, दारुहल्दी, हल्दी, जयंती, बेलपत्र, अनार, अशोक, धान और अमलतास आदि नौ पवित्र पत्तियां बांधकर देवी के नौ स्वरूपों का आवाहन किया गया और नवपत्रिका का स्नान कराकर, कलश के साथ उन्हें मंदिर, पूजा पंडाल तक गाजे-बाजे के साथ लाकर मंडप में स्थापित किया गया। इसके साथ ही देवी की पूजा विधि-विधान से शुरू की गई। नवपत्रिका प्रवेश सह सामूहिक कलश यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। चांडिल, चौका, रघुनाथपुर, लेंगडीह, चिलगु, खूंटी, चावलीबासा, चैनपुर, गौरांगकोचा, चांदुडीह, पोड़का, फदलोगोड़ा, आसनबनी, तामुलिया, देवलटांड, टीकर समेत अन्य स्थानों में परंपरागत तरीके से कलश यात्रा निकाली गई।

मंदिर व पूजा पंडालों में उमड़ रही भीड़
चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में दुर्गोत्सव की धूम शुरू हो गया है, चोरों ओर भक्ति और उल्लास का माहौल है। सोमवार को दोपहर से ही महाअष्टमी तिथि शुरू हो गया है। सुबह महासप्तमी की पूजा-अर्चना के बाद पूजा आयोजन समिति महाअष्टमी पर आदि शक्ति की पूजा को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं। इसके पूर्व षष्ठी तिथि की शाम को बेलवरण अनुष्ठान के साथ अधिवास किया गया था। अब महानवमी तिथि तक देवी की आराधना विधिवत रूप से की जाएगी। लोग माता की आरधना में लीन हो गए हैं। चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में लगभग 50 स्थानों में देवी की प्रतिमा स्थापित की पूजा-अर्चना की जाती है। दुर्गोत्सव के अवसर पर मंदिरों औश्र पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। लोग अलग-अलग पूजा पंडालों और मंदिरों में जाकर देवी के भव्य व आकर्षक प्रतिमाओं का दर्शन-पूजन कर रहे हैं।



