चांडिल : आसनबनी में आदिवासी भूमि और पूजा स्थल पर नाकाम रहा कब्जे का प्रयास 

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चांडिल : आसनबनी में आदिवासी भूमि और पूजा स्थल पर नाकाम रहा कब्जे का प्रयास 

ग्रामीणों ने खदेड़ा भूमाफियाओं को, चारदीवारी निर्माण सामग्री लेकर भागे भूमाफिया

चांडिल, 20 अगस्त : सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल अंचल के आसनबनी स्थित पारंपरिक जांताल पूजा स्थल (आदिवासियों का पूजा स्थल) और आदिवासी समुदाय की रैयती भूमि पर कब्जे की साजिश विफल हो गई है। यह तब संभव हुआ जब आसनबनी के ग्रामीण भूमाफियाओं के खिलाफ एकजुट हुए और भूमाफियाओं का जमकर विरोध किया।

बीते रविवार को जेसीबी मशीन से अवैध समतलीकरण और सोमवार को चारदीवारी निर्माण की कोशिश के बाद, दो दिनों तक भूमाफियाओं और ग्रामीणों के बीच टकराव की स्थिति बनी रही।

ग्रामीणों ने मांगे कागजात, कब्जाधारी भागे

मंगलवार और बुधवार को भी निर्माण कार्य जारी रखने के लिए भूमाफिया तथा जमशेदपुर के बिल्डर अपने लोगों के साथ पहुंचे। उन्होंने आरसीसी पिलर और प्लेट लगाकर चारदीवारी खड़ी करने की कोशिश की। लेकिन जैसे ही ग्रामीणों ने उनसे जमीन के मालिकाना कागजात और सरकारी आदेश दिखाने को कहा, सभी लोग मौके से भाग खड़े हुए। बुधवार सुबह तो वे यहां तक कि अपने साथ लाए पिलर और प्लेट भी उठा ले गए। इससे स्पष्ट हो गया कि कब्जा कराने वाले लोग पूरी तरह अवैध तरीके से आदिवासी भूमि पर अतिक्रमण का प्रयास कर रहे थे।

पहले भी नाकाम हुआ था प्रयास

यह पहली बार नहीं है जब भूमाफियाओं ने आसनबनी की इस पवित्र भूमि पर नजर गड़ाई हो। इससे पहले भी कुछ बिल्डरों और स्थानीय भू-माफियाओं ने यहां कब्जा करने का प्रयास किया था, लेकिन उस समय भी ग्रामीणों के कड़े विरोध के चलते उन्हें भागना पड़ा था।

ग्रामीणों की चेतावनी

गांव के लोगों ने साफ कर दिया है कि यदि प्रशासन ने भूमाफियाओं को चिन्हित कर तुरंत कार्रवाई नहीं की, तो यह आंदोलन का रूप लेगा। ग्रामीणों का कहना है कि यह सिर्फ ज़मीन का सवाल नहीं है, बल्कि उनकी आस्था, संस्कृति और परंपरा पर सीधा हमला है।

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