आदिवासी कुड़मी समाज की केंद्रीय कमेटी की बैठक में एसटी मांग को लेकर महाआंदोलन की घोषणा

– झारखंड, बंगाल और ओडिशा में 20 सितंबर को एक साथ सौ स्थानों पर रेल टेका आंदोलन : अजीत प्रसाद
चांडिल, 10 अगस्त : सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल प्रखंड अंतर्गत डोबो रुगड़ी स्थित कुड़मी भवन में आदिवासी कुड़मी समाज के केंद्रीय कमेटी की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता आदिवासी कुड़मी समाज के केंद्रीय अध्यक्ष शशांक शेखर महतो ने की। बैठक में झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम आदि जगहों से केंद्रीय कमेटी के सभी सदस्य उपस्थित थे। मौके पर आदिवासी कुड़मी समाज के संयोजक मुलखूंटी मूलमानता अजीत प्रसाद महतो ने कहा कि हम अपने जातिसत्ता की पहचान, अपना अस्तित्व और अधिकार की लड़ाई में सरकार से चार मुख्य मांगों को लेकर निर्णायक चर्चा किए।

बैठक में आदिवासी संस्कृति यानी प्राकृतिक धर्म आधारित चर्चाओं के साथ-साथ 20 सितंबर को सौ जगहों पर एक साथ रेल टेका आंदोलन एवं कुड़मालि परंपरागत पेसा कानून लागू कराने पर विशेष एजेंडा तैयार किया गया। इसमें आदिवासी कुड़मी समाज के नेतृत्व में अन्य संगठनों का भी निर्णय लिया गया। यह सर्व सहमति से पारित होकर अंत में समाज के मुलखुंटि मूल मानता अजीत प्रसाद महतो ने सभी बिंदुओं की घोषणा किया।

किए गए घोषणा के तहत 20 सितंबर 2025 को पूरे वृहद छोटानागपुर के झारखंड, पश्चिम बंगाल, और ओडिशा में सौ जगहों पर रेल टेका किया जाएगा। कुड़मालि परंपरागत पेसा कानून लागू करने की घोषणाएं राज्य सरकार यथाशीघ्र करें। आने वाले 2026 की जनगणना में मातृभाषा के स्थान पर कुड़मालि, जाति के स्थान पर कुड़मी और धर्म के स्थान पर आदिवासी धर्म या एनिमिज्म धर्म लिखना है। झारखंड के तर्ज पर पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी कुड़मियों के जमीनों में सरकार सीएनटी एक्ट लागू करें।
इन सभी बिंदुओं के निर्णायक मंडली में मुलखुंटि मूल मानता अजीत प्रसाद महतो, केंद्रीय अध्यक्ष शशांक शेखर महतो, केंद्रीय उपाध्यक्ष डॉ सुजीत कुमार महतो, छोटेलाल महतो व अधिवक्ता बसंत महंता, केंद्रीय प्रवक्ता सशधर काड़ुआर, केंद्रीय सचिव अधिवक्ता सुनील कुमार महतो, केंद्रीय सहसचिव जयराम महतो व संजय महतो, केंद्रीय कोषाध्यक्ष रासबिहारी महतो, केंद्रीय संपादक साधन महतो, कुड़मालि धर्म गुरु संतोष काटिआर, दीपक पुनअरिआर, झाड़खंड प्रदेश अध्यक्ष पद्मलोचन महतो, गुणधाम मुतरुआर आदि मुख्य रूप से उपस्थिति थे।




