चिलगु में स्वास्थ्य उपकेंद्र निर्माण कार्य में बाधा डालने की साजिश, ग्रामीणों में आक्रोश 

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चिलगु में स्वास्थ्य उपकेंद्र निर्माण कार्य में बाधा डालने की साजिश, ग्रामीणों में आक्रोश 

फर्जी हस्ताक्षर कर भेजा गया था ज्ञापन, सोशल मीडिया पर फैलाई गई भ्रामक जानकारी, प्रशासन हरकत में

चांडिल, 01 अगस्त : चिलगु पुनर्वास स्थल पर निर्माणाधीन स्वास्थ्य उपकेंद्र को लेकर असामाजिक तत्वों द्वारा की जा रही साजिश अब उजागर होती जा रही है। इस साजिश से ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश है और प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।

दरअसल, चांडिल प्रखंड के चिलगु में जिला परिषद के 15वें वित्त आयोग की निधि से उप स्वास्थ्य केंद्र भवन का निर्माण कार्य चल रहा है। यह निर्माण कार्य पूर्व में ग्रामसभा द्वारा चयनित स्थल पर ही किया जा रहा है, जिसकी स्वीकृति उप विकास आयुक्त के आदेशानुसार मिली है। ग्रामीणों ने बताया कि लगभग 40 वर्ष पूर्व यहां स्वर्णरेखा परियोजना द्वारा एक स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया था, जो पूरी तरह जर्जर होकर ढह चुका है। इसके बाद से ही स्थानीय लोग नए भवन की मांग कर रहे थे।

स्थानीय विधायक, जिला परिषद सदस्य और जिला प्रशासन के प्रयास से अब जाकर इस मांग को मंजूरी मिली और निर्माण कार्य शुरू हुआ। लेकिन इसी बीच कुछ असामाजिक तत्वों ने निर्माण कार्य में बाधा डालने का प्रयास शुरू कर दिया है। ग्रामीणों के अनुसार, इन तत्वों द्वारा पहले तो निर्माण स्थल को लेकर भ्रामक प्रचार किया गया और फिर एक फर्जी ज्ञापन तैयार कर स्वर्णरेखा परियोजना के अपर निदेशक को सौंपा गया। इस ज्ञापन में स्थानीय ग्रामीणों के फर्जी हस्ताक्षर कर स्वास्थ्य उपकेंद्र निर्माण को लेकर झूठे आरोप लगाए गए।

यह मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। चिलगु पुनर्वास के विस्थापित हेमंत गोप ने बताया कि उन्हें फर्जी तरीके से इस ज्ञापन का आवेदक दिखाया गया है जबकि उन्होंने ऐसा कोई आवेदन नहीं दिया। ग्रामप्रधान कामदेव दास ने स्पष्ट किया कि ग्रामसभा की अनुमति से ही स्थल का चयन हुआ था और शिलान्यास के साथ निर्माण कार्य ग्रामवासियों की निगरानी में किया जा रहा है। वहीं शिलान्यास समारोह में विधायक, जिला परिषद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, स्थानीय जिला परिषद सदस्य, मुखिया सहित कई प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी थी।

घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने स्वयं एक ज्ञापन तैयार कर स्वर्णरेखा परियोजना के अपर निदेशक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास पदाधिकारी, आदित्यपुर को सौंपा, जिसमें फर्जी हस्ताक्षर और भ्रामक जानकारी दिए जाने की शिकायत की गई।

सोशल मीडिया पर भी हुआ था दुष्प्रचार

हाल के दिनों में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया पर भी स्वास्थ्य उपकेंद्र निर्माण को लेकर भ्रामक और तथ्यहीन बातें प्रचारित की गईं। इससे ग्रामीणों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न करने का प्रयास किया गया। लेकिन अब ग्रामीणों की मांग पर प्रशासन ऐसे असामाजिक तत्वों को चिन्हित करते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई की तैयारी में है।

सूत्रों की मानें तो प्रशासन और परियोजना के अधिकारी अब उन लोगों की पहचान में जुट गए हैं, जिन्होंने फर्जी ज्ञापन के साथ-साथ सोशल मीडिया के जरिए भी निर्माण कार्य को बदनाम करने की कोशिश की। मामले की जांच के बाद जल्द ही दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तय मानी जा रही है।

ग्रामीणों ने एक स्वर में चेतावनी दी है कि वे किसी भी कीमत पर विकास कार्यों में बाधा नहीं आने देंगे और इस प्रकार की कुत्सित मानसिकता रखने वाले लोगों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा।

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