दलमा पहाड़ धधका: जंगल बना आग का समंदर, वन विभाग की तैयारी पर बड़े सवाल

MANBHUM UPDATES
2 Min Read

दलमा पहाड़ धधका: जंगल बना आग का समंदर, वन विभाग की तैयारी पर बड़े सवाल

चांडिल, 03 मार्च : सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र अंतर्गत जाड़ियाडीह स्थित दलमा पहाड़ के घने जंगलों में अचानक भड़की भीषण आग ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। दलमा रेंज से उठती आग की ऊंची लपटें और आसमान में छाया धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर तक देखा जा रहा है। तराई क्षेत्र के ग्रामीणों में दहशत के साथ-साथ गहरा आक्रोश भी है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग तेजी से फैलती हुई जंगल के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले चुकी है। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन आग की भयावहता के सामने प्रयास अपर्याप्त नजर आ रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि हर वर्ष गर्मी के मौसम में दलमा क्षेत्र में आग लगने की घटनाएं होती हैं, इसके बावजूद स्थायी रोकथाम की दिशा में ठोस इंतजाम नहीं किए जाते।

ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि संसाधन और बजट उपलब्ध होने के बावजूद आग से निपटने के लिए पहले से प्रभावी रणनीति क्यों नहीं बनाई जाती? क्या विभाग आग लगने के बाद सक्रिय होता है, या फिर यह लापरवाही का परिणाम है?

आग लगने के कारणों को लेकर भी अटकलों का बाजार गर्म है। कुछ लोग इसे भीषण गर्मी और सूखे पत्तों के कारण प्राकृतिक घटना मान रहे हैं, तो कुछ इसे मानवीय गतिविधियों या असामाजिक तत्वों की शरारत से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर आग लगने के कारण की पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।

दलमा क्षेत्र अपनी समृद्ध जैव विविधता और वन्य जीवों के लिए प्रसिद्ध है। ऐसे में आग से वन संपदा, जंगली जानवरों और पर्यावरण को भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

अब निगाहें वन विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं—आग पर काबू पाने में कितनी तत्परता दिखाई जाती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कौन से ठोस कदम उठाए जाते हैं, यह देखना अहम होगा।

Share This Article