जगन्नाथपुर में निकली भव्य घुरती रथ यात्रा, पूर्व सांसद गीता कोड़ा ने खींचा भगवान जगन्नाथ का रथ

जगन्नाथपुर, 05 जुलाई : पश्चिम सिंहभूम जिले के ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी जगन्नाथपुर में शनिवार को घुरती रथ यात्रा (उल्टा रथ) बड़े ही श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ निकाली गई। इस अवसर पर पूर्व सांसद गीता कोड़ा ने विशेष रूप से भाग लिया और भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथ को खींचकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान से क्षेत्र के लोगों के लिए सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
भक्तों का उत्साह देखते ही बनता था। चिलचिलाती धूप और उमस के बावजूद हजारों की संख्या में श्रद्धालु जगन्नाथ महाप्रभु की एक झलक पाने और रथ खींचने के लिए उमड़ पड़े। मंदिर परिसर और पूरे नगर में “जय जगन्नाथ” के जयकारे गूंजते रहे। घुरती यात्रा के तहत भगवान को वापस मुख्य मंदिर में लाया गया।
पूर्व सांसद गीता कोड़ा ने कहा, “भगवान जगन्नाथ के चरणों में उपस्थित होना और उनके रथ को खींचने का सौभाग्य मिलना मेरे लिए अत्यंत पुण्य का कार्य है। मैंने समस्त क्षेत्रवासियों की उन्नति, स्वास्थ्य और खुशहाली के लिए भगवान से प्रार्थना की है।” उन्होंने रथ यात्रा की सफल आयोजन के लिए मंदिर समिति और प्रशासन को भी धन्यवाद दिया।
रथ यात्रा के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल के साथ-साथ स्वयंसेवकों की भी तैनाती की गई थी ताकि भीड़ का नियंत्रण बना रहे और कोई अप्रिय घटना न हो।
रथ को खींचने के दौरान महिलाएं, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग – सभी शामिल थे। कई श्रद्धालु पारंपरिक वस्त्रों में ढोल-नगाड़े और कीर्तन मंडलियों के साथ झूमते-गाते चल रहे थे। रथ मार्ग पर जगह-जगह श्रद्धालुओं ने जलपान, शर्बत, चना, चाय, खीर की व्यवस्था भी की थी।
ज्ञात हो कि जगन्नाथपुर की रथयात्रा पश्चिम सिंहभूम जिले के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में से एक मानी जाती है। यहां की रथयात्रा पारंपरिक रूप से भव्यता और श्रद्धा का प्रतीक रही है।
समापन पर महाप्रसाद का वितरण हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर प्रसाद ग्रहण किया। रथ यात्रा के इस धार्मिक आयोजन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भगवान जगन्नाथ की भक्ति जनमानस के हृदय में कितनी गहराई से समाई हुई है।



