चांडिल डैम में पानी का स्तर घटाने की मांग, दो दिन में कार्रवाई नहीं तो उग्र आंदोलन की चेतावनी

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चांडिल डैम में पानी का स्तर घटाने की मांग, दो दिन में कार्रवाई नहीं तो उग्र आंदोलन की चेतावनी

चांडिल , 27 नवंबर : चांडिल डैम प्रभावित इचागढ़ क्षेत्र के विस्थापितों की अनदेखी को लेकर झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि डैम निर्माण के बाद वर्षों से विस्थापित परिवार मूलभूत सुविधाओं, मुआवज़ा, पुनर्वास और नियोजन से वंचित हैं। JLKM के अनुसार सरकार की पुनर्वास नीति का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है, जिससे लोगों में गहरा असंतोष है।

मोर्चा ने आरोप लगाया कि सिंचाई विभाग की मनमानी के कारण किसानों की बची हुई फसल बार-बार डूब रही है। आरोप है कि बिना आवश्यकता के पानी रोका जा रहा है, जबकि न बारिश का मौसम है और न कोई खतरा। JLKM का कहना है कि धान कटाई के समय पानी रोकने से किसानों की स्थिति बदहाल हो गई है। इसके अलावा हाथियों के हमलों से फसल नष्ट होने पर वन विभाग मुआवजा देने में भी उदासीन है।

JLKM ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दो दिनों के भीतर पानी का स्तर कम नहीं किया गया और समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन सड़क से लेकर डैम तक व्यापक जनआंदोलन शुरू करेगा, जिसका प्रभाव पूरे राज्य में महसूस किया जाएगा। मोर्चा ने स्थानीय विधायक और वर्तमान सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं।

संगठन ने कहा कि विस्थापितों ने अपने जनप्रतिनिधियों पर भरोसा कर वोट दिया, लेकिन आज वही लोग अपनी समस्याओं को लेकर परेशान हैं और सरकार-प्रशासन से निराश। JLKM ने कहा कि अब फैसला सरकार को करना है—समस्या का समाधान या आंदोलन का सामना।

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