खनन विभाग की कार्रवाई सवालों के घेरे में – छोटे वाहन जब्त, बड़े सिंडिकेट पर अब तक चुप्पी क्यों?

सरायकेला-खरसावां, 03 जुलाई : जिले में अवैध बालू खनन और परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से कार्रवाई तो हो रही है, लेकिन इन कार्रवाइयों की दिशा और उद्देश्य पर अब सवाल उठने लगे हैं। आज जिला खनन विभाग द्वारा चौका थाना क्षेत्र से दो ट्रैक्टरों को अवैध बालू परिवहन के आरोप में जब्त किया गया। यह कार्रवाई उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी नितिश कुमार सिंह के निर्देश पर की गई।
खनन पदाधिकारी ज्योति शंकर सतपति ने बताया कि अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन के विरुद्ध अभियान जारी है और दोषियों के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। लेकिन सवाल यह है कि यह सख्ती आखिर किस हद तक है और किस पर है?

छोटे वाहन निशाने पर, बड़े हाइवा बेलगाम
प्रशासन की सख्ती का असर अब तक सिर्फ ट्रैक्टर और पिकअप वैन तक ही सीमित दिखाई दे रहा है। प्रतिदिन रातभर तिरुलडीह और ईचागढ़ थाना क्षेत्र से 400 से 500 हाइवा ट्रक अवैध रूप से बालू लेकर पार होते हैं, लेकिन इन बड़े वाहनों पर न तो कोई छापा पड़ता है और न ही कोई जब्ती की सूचना आती है। आखिर क्यों?
स्थानीय लोगों और क्षेत्रीय सामाजिक संगठनों का कहना है कि यह कार्रवाई महज दिखावा बनकर रह गई है। जिन लोगों का अवैध बालू के धंधे में असली वर्चस्व है, वे अब भी खुलेआम हाइवा से बालू की ढुलाई कर रहे हैं और प्रशासन व खनन विभाग आंखें मूंदे हुए हैं।
इलाके में लंबे समय से चर्चा है कि एक मजबूत सिंडिकेट अवैध बालू खनन और लोडिंग का संचालन कर रहा है, जिसमें कुछ प्रभावशाली स्थानीय लोग, ट्रांसपोर्ट माफिया और प्रशासन के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत होने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
आम जनता पूछ रही है कि प्रशासन की नजर उन लोगों पर कब पड़ेगी जो रात के अंधेरे में दर्जनों हाईवा ट्रकों में बालू लादकर इलाके के संसाधनों को लूट रहे हैं? यदि वाकई जिला प्रशासन ईमानदारी से इस अवैध कारोबार पर लगाम लगाना चाहता है, तो कार्रवाई का दायरा सिर्फ ट्रैक्टर तक सीमित क्यों है?
अब समय आ गया है कि खनन विभाग और प्रशासन पारदर्शिता दिखाए और यह स्पष्ट करे कि आखिर कौन-से कारण हैं कि बड़े पैमाने पर हो रहे इस अवैध कारोबार को नजरअंदाज किया जा रहा है। जनता की मांग है कि प्रशासन छोटे-मोटे वाहन चालकों पर कार्रवाई कर खानापूर्ति करने के बजाय उस जड़ पर प्रहार करे, जहां से यह पूरा सिंडिकेट संचालित हो रहा है।
यदि प्रशासन ने जल्द ही ठोस और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की, तो यह अवैध कारोबार और अधिक विस्तार लेगा और कानून के शासन की साख पर प्रश्नचिह्न लग जाएगा।



