पटमदा में सड़क और स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल, डीसी से हस्तक्षेप की मांग

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तीन जर्जर सड़कों के जीर्णोद्धार के साथ ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की मांग, समाजसेवियों ने सौंपा ज्ञापन

पटमदा, 01 सितंबर : पटमदा प्रखंड के ग्रामीण इलाकों में खराब सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं की समस्या अब प्रशासन के दरवाजे तक पहुंच गई है। ग्रामीण क्षेत्रों की बदहाल सड़कों के कारण आवागमन में हो रही परेशानी और मरीजों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाने में होने वाली दिक्कतों को लेकर समाजसेवियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त राजीव रंजन को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।

समाजसेवी विश्वनाथ महतो, गोपाल गोराई, उत्तम कुमार और अंकुर महतो ने ज्ञापन के माध्यम से पटमदा क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ ग्रामीण संपर्क सड़कों के निर्माण एवं मरम्मतीकरण की मांग उठाई।

ज्ञापन में महुलबना पंचायत के धादकिडीह से पंचायत मुख्यालय, संताल टोला होते हुए केंदडीह की अंतिम सीमा तक करीब चार किलोमीटर सड़क को पक्की बनाने की मांग की गई है। इसके अलावा उत्क्रमित मध्य विद्यालय बेलडीह से कांकिडीह-महुलतोल तक लगभग 3.5 किलोमीटर सड़क की तत्काल मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण का आग्रह किया गया है। बताया गया कि यह मार्ग कुमिर, ओड़िया और बनकुंचिया पंचायत के हजारों ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है।

वहीं काश्मार पंचायत के गोपालपुर मौजा से गोलकाटा, बालियागोड़ा होते हुए गैंगाड़ा तक करीब 2.5 किलोमीटर जर्जर सड़क की भी अविलंब मरम्मत कराने की मांग की गई।

सड़क की बदहाली का असर मरीजों और विद्यार्थियों पर

प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क की खराब स्थिति का सबसे अधिक असर मरीजों, विद्यार्थियों, महिलाओं और बुजुर्गों पर पड़ता है। बरसात के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है। आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी काफी परेशानी होती है।

समाजसेवियों ने उपायुक्त से संबंधित विभागों के माध्यम से सभी चिन्हित सड़कों का स्थल निरीक्षण और तकनीकी जांच कराकर प्राथमिकता के आधार पर निर्माण एवं मरम्मतीकरण कराने की मांग की।

समाजसेवी विश्वनाथ महतो ने कहा कि पटमदा के ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत समस्याओं को लेकर लगातार प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधा और सुगम सड़क ग्रामीणों की बुनियादी जरूरत है, इसलिए इन समस्याओं का समयबद्ध समाधान जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि उपायुक्त मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश देंगे।

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