चांडिल : रसुनिया के बेलडीह टोला में हाथी का कहर, ग्रामीण दहशत में – वन विभाग की लापरवाही पर उबाल

MANBHUM UPDATES
4 Min Read

चांडिल : रसुनिया के बेलडीह टोला में हाथी का कहर, ग्रामीण दहशत में – वन विभाग की लापरवाही पर उबाल

चांडिल, 21 अगस्त : चांडिल थाना क्षेत्र के रसुनिया पंचायत अंतर्गत बेलडीह टोला में बीती रात एक बार फिर हाथी का कहर टूटा। देर रात करीब दो बजे हाथी ने परेश मांझी के खपरेल घर को क्षतिग्रस्त कर दिया। हाथी की भनक लगते ही परिवार के लोग जान बचाकर भाग निकले, जिससे किसी की जान तो बच गई, लेकिन मकान पूरी तरह बर्बाद हो गया।

सुबह घटना की जानकारी मिलते ही JLKM (झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा) नेता फुलचाँद महतो मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने विभाग से हर संभव मदद दिलाने का भरोसा दिलाया और कहा कि वन विभाग ग्रामीणों की जान–माल की सुरक्षा करने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है।

उन्होंने कहा – “आए दिन हाथियों के हमले से गरीब ग्रामीण तबाह हो रहे हैं। मकान टूट रहे हैं, फसलें बर्बाद हो रही हैं, जान का खतरा बना हुआ है, लेकिन वन विभाग सिर्फ कागजी खानापूर्ति में व्यस्त है। अगर यही हाल रहा तो ग्रामीणों का सब्र जवाब दे देगा।”

धान की फसल और तुलसी थान भी बर्बाद

ग्रामीणों ने बताया कि बीती रात हाथी ने सिर्फ घर को ही नहीं तोड़ा, बल्कि कई किसानों के धान की फसल को रौंदकर पूरी तरह बर्बाद कर दिया। वहीं, एक ग्रामीण के आंगन में घुसकर हाथी ने तुलसी थान को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इससे ग्रामीणों की धार्मिक आस्था को भी गहरी चोट पहुँची है।

लगातार बढ़ रहा हाथियों का आतंक

विदित हो कि बीते कुछ दिनों से एक जंगली हाथी नीमडीह थाना क्षेत्र में सक्रिय था, जो अब चांडिल क्षेत्र में प्रवेश कर चुका है। पिछले दो दिनों में हाथी ने कई घरों और खेतों को नुकसान पहुंचाया है। ग्रामीण रात भर जागकर अपनी सुरक्षा करने को मजबूर हैं।

वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल

ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग की शिथिलता और लापरवाही से हाथी का आतंक काबू से बाहर हो चुका है। समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा। लोगों का कहना है कि विभाग के अधिकारी सिर्फ घटना के बाद औपचारिकता निभाने पहुंचते हैं, लेकिन न तो हाथियों को रोकने की कोई ठोस रणनीति बनाते हैं और न ही पीड़ितों को त्वरित मुआवजा मिलता है।

ग्रामीणों में आक्रोश – घेराव की तैयारी

रसुनिया पंचायत समेत आसपास के गांवों में दहशत और आक्रोश गहराता जा रहा है। अब ग्रामीण वन विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी में हैं। लोगों ने साफ कहा है कि अगर हाथियों के हमले पर रोक नहीं लगी और सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो वे जल्द ही वन विभाग कार्यालय का घेराव करेंगे।

ग्रामीणों की यह नाराजगी अब आंदोलन में बदल सकती है, और इसका जिम्मेदार वन विभाग की घोर लापरवाही ही मानी जा रही है।

Share This Article