चालू हो गया पितकी रेलवे ओवरब्रिज, मंत्री संजय सेठ ने किया डेढ़ किलोमीटर लंबे पुल का लोकार्पण

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चालू हो गया पितकी रेलवे ओवरब्रिज, मंत्री संजय सेठ ने किया डेढ़ किलोमीटर लंबे पुल का लोकार्पण

चांडिल, 22 अगस्त : सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल और नीमडीह थाना क्षेत्र की सीमा पर चांडिल-पुरुलिया राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित बहुप्रतीक्षित पितकी रेलवे ओवरब्रिज का शनिवार को विधिवत लोकार्पण कर दिया गया। रक्षा राज्यमंत्री सह रांची सांसद संजय सेठ ने ओवरब्रिज का उद्घाटन किया। लोकार्पण के साथ ही पुल पर वाहनों का आवागमन भी शुरू हो गया। इससे पितकी रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम से क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

लोकार्पण समारोह में ईचागढ़ विधायक सविता महतो, आजसू नेता हरेलाल महतो, जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो, वरिष्ठ नेता पप्पू वर्मा, अनिता पारित, सारथी महतो, सांसद प्रतिनिधि मनोज महतो, महेश कुंडू, विशाल चौधरी, दिवाकर सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे।

इस अवसर पर रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार जनहित और विकास के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पितकी रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान है और यह जनहित में हो रहे विकास कार्यों की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।

फाटक पर घंटों जाम से मिलेगी राहत

पितकी रेलवे फाटक पर ट्रेनों के आवागमन के दौरान अक्सर घंटों जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती थी। इसका सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों, मरीजों, नौकरी-पेशा लोगों, कारोबारियों और रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले लोगों पर पड़ता था। कई बार एंबुलेंस और जरूरी सेवाओं के वाहन भी जाम में फंस जाते थे। ओवरब्रिज चालू होने के बाद अब वाहनों को रेलवे फाटक से होकर गुजरने की जरूरत नहीं होगी।

करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा है ओवरब्रिज

एनएचएआई अधिकारियों के अनुसार पितकी रेलवे ओवरब्रिज की कुल लंबाई करीब डेढ़ किलोमीटर है, जबकि ओवरब्रिज का मुख्य स्ट्रक्चर लगभग एक किलोमीटर लंबा है। इसे 31 जुलाई तक आम लोगों के लिए खोलने की तैयारी थी, लेकिन लगातार बारिश के कारण अंतिम चरण का काम प्रभावित हो गया।

बारिश के कारण पुल पर बिछाया गया मेटेरियल खराब हो गया था। इसके बाद खराब मेटेरियल को हटाकर दोबारा काम किया गया। मौसम में सुधार के बाद मेटेरियल बिछाने, कालीकरण, सुरक्षा संकेतक लगाने समेत अन्य जरूरी कार्य पूरे किए गए, जिसके बाद पुल को यातायात के लिए खोल दिया गया।

तीन रेलवे ट्रैक के कारण निर्माण था चुनौतीपूर्ण

चांडिल-पुरुलिया मार्ग पर कुल चार रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। इनमें पितकी ओवरब्रिज का निर्माण सबसे चुनौतीपूर्ण रहा। पितकी में तीन रेलवे ट्रैक होने के साथ एक ट्रैक अन्य दो ट्रैक से काफी दूरी पर है। इसी वजह से ओवरब्रिज की लंबाई अधिक रखनी पड़ी।

इसके अलावा निर्माण स्थल से करीब 500 मीटर की दूरी पर चांडिल जंक्शन होने के कारण रेलवे ट्रैक के ऊपर स्टील गार्डर की लॉन्चिंग भी चुनौतीपूर्ण कार्य था। ट्रेनों का परिचालन लंबे समय तक बाधित नहीं किया जा सकता था, इसलिए निर्माण एजेंसी को सुरक्षा मानकों के साथ चरणबद्ध तरीके से काम करना पड़ा।

कोल्हान से बंगाल तक आवागमन होगा सुगम

चांडिल-पुरुलिया मार्ग औद्योगिक और व्यावसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यह मार्ग जमशेदपुर, सरायकेला और चाईबासा समेत कोल्हान क्षेत्र को राज्य के विभिन्न हिस्सों से जोड़ता है। इसके अलावा यह झारखंड को पश्चिम बंगाल के पुरुलिया, आसनसोल और दुर्गापुर जैसे प्रमुख शहरों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है।

ओवरब्रिज शुरू होने से इस मार्ग पर यातायात सुगम होने के साथ लोगों के समय की भी बचत होगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि पितकी रेलवे फाटक पर जाम की समस्या से लंबे समय से निजात की मांग की जा रही थी। ओवरब्रिज के चालू होने से अब इस समस्या का स्थायी समाधान होने की उम्मीद है।

निर्माण कार्य की लगातार होती रही समीक्षा

ओवरब्रिज निर्माण को निर्धारित समय में पूरा कराने को लेकर रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ द्वारा संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क और समीक्षा की जाती रही। एनएचएआई और रेलवे अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि अंतिम चरण में हुई भारी बारिश के कारण निर्माण में कुछ विलंब हुआ। इसके बावजूद आवश्यक कार्य पूरे कर शनिवार को ओवरब्रिज को जनता के लिए खोल दिया गया।

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