नीमडीह : चातरमा की तराई में बुझी गजराज की सांसें, सवालों के घेरे में गज-प्रोजेक्ट और वन प्रबंधन

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नीमडीह : चातरमा की तराई में बुझी गजराज की सांसें, सवालों के घेरे में गज-प्रोजेक्ट और वन प्रबंधन

नीमडीह, 14 दिसंबर : सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल वन क्षेत्र से रविवार सुबह एक बार फिर बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आई, जब नीमडीह थाना अंतर्गत चातरमा जंगल की तराई में एक बीमार हाथी ने दम तोड़ दिया। जंगल के भीतर पड़ी गजराज की निढाल देह न सिर्फ एक हाथी की मौत की कहानी कह रही थी, बल्कि पूरे वन तंत्र की खामोश विफलताओं की ओर भी इशारा कर रही थी।

वन विभाग के अनुसार मृत हाथी पिछले करीब एक महीने से बीमार था। समय पर इलाज और पर्याप्त निगरानी नहीं मिलने के कारण वह बेहद कमजोर हो चुका था। भूख और बीमारी से जूझते हुए आखिरकार जंगल की तराई में उसकी सांसें थम गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाथी कई दिनों से झुंड से अलग-थलग दिखाई दे रहा था, लेकिन कोई ठोस पहल नजर नहीं आई।

चिंता की बात यह है कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। एक वर्ष के भीतर चांडिल क्षेत्र में तीन हाथियों की मौत हो चुकी है। 5 जून 2025 को नीमडीह थाना क्षेत्र के हेवेन के पहाड़धार में करंट की चपेट में आकर एक मादा हाथी की जान गई थी।

25 जून 2025 को उसी थाना क्षेत्र के तिल्ला पंचायत के डूंगरीडीह में जहरीली लौकी खाने से एक अन्य हाथी की मौत हो गई थी और अब चातरमा में बीमार नर हाथी ने दम तोड़ दिया।

लगातार हो रही इन मौतों ने वन विभाग के कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर क्यों हाथियों का झुंड सुरक्षित जंगल छोड़कर मानव आबादी वाले क्षेत्र में भटकने को मजबूर है? क्या जंगलों में भोजन और पानी की भारी कमी है, या मानव-हाथी संघर्ष ने उन्हें उनके प्राकृतिक आवास से बाहर धकेल दिया है?

वन क्षेत्र पदाधिकारी शशि रंजन का कहना है कि हाथियों का इस तरह प्रवास कई कारणों से हो सकता है, जिनमें भोजन की कमी, आवासीय दबाव और मानवीय दखल शामिल हैं। विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है। वहीं, ग्रामीणों का दर्द साफ झलकता है। उनका कहना है कि हर साल हाथियों की मौत की घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन न तो समय पर इलाज होता है और न ही ठोस सुरक्षा व्यवस्था दिखती है।

अब नीमडीह में गजराज की मौत ने एक बार फिर यह सवाल छोड़ दिया है—क्या जांच रिपोर्ट से आगे भी कोई ठोस कार्रवाई होगी, या जंगल यूं ही अपने मूक प्रहरी खोता रहेगा?

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