राजस्व व्यवस्था में कसावट के संकेत : उपायुक्त ने पारदर्शिता, समयबद्धता और बिचौलियों पर रोक के दिए सख्त निर्देश

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सरायकेला, 23 मार्च : जिले में राजस्व प्रशासन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में सोमवार को एक अहम पहल की गई। समाहरणालय सभागार में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में राजस्व संग्रहण से लेकर म्यूटेशन, सीमांकन और उत्तराधिकार जैसे मामलों के निष्पादन तक सभी प्रमुख बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार, चांडिल एवं सरायकेला के भूमि सुधार उप समहर्ता, जिला खनन पदाधिकारी, सब-रजिस्ट्रार सहित सभी अंचल अधिकारी और संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। उपायुक्त ने विभागवार प्रगति की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि राजस्व संग्रहण के निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए समन्वित कार्ययोजना को सख्ती से लागू किया जाए।

उन्होंने राजस्व वसूली में पारदर्शिता और सतत निगरानी को प्राथमिकता देते हुए डिफॉल्टर मामलों में नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही खनन, परिवहन और मोटरयान निरीक्षण (MVI) से जुड़े राजस्व संग्रहण में तेजी लाने पर विशेष जोर दिया गया।

उपायुक्त ने अवैध खनन, अवैध परिवहन, शराब निर्माण व बिक्री, विद्युत चोरी और बिना वैध कागजात के वाहन संचालन के खिलाफ नियमित जांच अभियान चलाने का निर्देश भी दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसे मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

राजस्व एवं अंचल कार्यालयों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए म्यूटेशन, सीमांकन, सक्सेशन (उत्तराधिकार), परिशोधन और लगान से जुड़े लंबित मामलों को तय समयसीमा में निपटाने का निर्देश दिया गया। म्यूटेशन आवेदनों के अनावश्यक निरस्तीकरण पर चिंता जताते हुए उपायुक्त ने कहा कि सभी मामलों में नियमसंगत और पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

आम नागरिकों को राहत देने के उद्देश्य से प्रक्रियाओं को सरल बनाने और बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह समाप्त करने पर भी जोर दिया गया। उपायुक्त ने पोर्टल आधारित सेवाओं में तेजी लाने, ग्राम स्तर पर जनप्रतिनिधियों के सहयोग से अधिक आवेदन प्राप्त करने और उनका समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा।

सभी अंचल अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित कर लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाएं। वहीं आय, जाति और आवासीय प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेजों के निर्गमन में संवेदनशीलता बरतते हुए पात्र लाभुकों, विशेषकर विद्यार्थियों को समय पर लाभ उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

इसके अलावा मूल खतियान के ऑनलाइन मिलान, राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं से जुड़े लंबित मुआवजा भुगतान और जरूरत के अनुसार सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने जैसे मुद्दों पर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी विभागों को स्पष्ट संदेश दिया कि राजस्व संग्रहण के लक्ष्यों की प्राप्ति के साथ-साथ सभी कार्यों का पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

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