
जमशेदपुर, 22 मार्च : बिष्टुपुर स्थित Regal Cafe में शनिवार की शाम कुछ अलग थी, यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शहर की रचनात्मक आत्मा का उत्सव बन गई। Ninaad और रीगल कैफ़े के संयुक्त प्रयास से आयोजित “Regal Reads” ने साहित्य, संगीत और अभिव्यक्ति को एक जीवंत अनुभव में बदल दिया।
इस आयोजन ने पारंपरिक मंचीय प्रस्तुतियों की सीमाओं को तोड़ते हुए एक ऐसा खुला प्लेटफॉर्म दिया, जहाँ शब्दों ने संगीत के साथ संवाद किया और कहानियों ने दर्शकों के मन में नई संवेदनाएं जगाईं।
कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत रही कि स्थानीय युवा प्रतिभाओं का सशक्त प्रदर्शन। आकांक्षा, आलोक तिवारी, अन्नी अमृता, शानिया नानरा, शेल्ली बनर्जी, पंकज प्रभात, सौरव कुमार ओझा, सौरव अस्थाना, संदीप सिंह गौतम, सुशांत शेखर, आर्यन कुमार, “The Dark Voice”, निशांत सिंह, क्षमाश्री दुबे, शुभम पांडे और जय कुमार शाही जैसे कलाकारों ने कविता, स्टोरीटेलिंग और पुस्तक पाठ के माध्यम से दर्शकों को भावनाओं की यात्रा पर ले गए।
हर प्रस्तुति में व्यक्तिगत अनुभव, सामाजिक सरोकार और कल्पनाशीलता का अनोखा मिश्रण देखने को मिला, जिसने कार्यक्रम को एक गहराई प्रदान की।
कार्यक्रम का संचालन Poonam Mahanand ने किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि निनाद का उद्देश्य सिर्फ आयोजन करना नहीं, बल्कि उन आवाज़ों को सामने लाना है जो प्रतिभाशाली होने के बावजूद अवसरों के अभाव में दब जाती हैं।
सह-संस्थापक निशांत और टीम ने भी यह भरोसा दिलाया कि “Regal Reads” जैसे मंच भविष्य में और व्यापक रूप लेंगे, जिससे स्थानीय कलाकारों को राष्ट्रीय पहचान मिल सके।
कार्यक्रम में शहर के वरिष्ठ कलाकारों और साहित्य प्रेमियों की उपस्थिति ने माहौल को और गरिमामय बना दिया। खास बात यह रही कि यहाँ कलाकार और दर्शक के बीच की दूरी लगभग खत्म हो गई। हर प्रस्तुति पर त्वरित प्रतिक्रिया, संवाद और सराहना ने इसे एक सहभागी अनुभव बना दिया।
“Regal Reads” ने यह साबित किया कि जमशेदपुर का सांस्कृतिक परिदृश्य सिर्फ पारंपरिक आयोजनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहाँ नई सोच और प्रयोगों के लिए भी पर्याप्त स्थान है।
यह आयोजन एक संकेत है कि आने वाले समय में शहर में ऐसे और भी मंच तैयार होंगे, जहाँ कला सिर्फ देखी या सुनी नहीं जाएगी, बल्कि महसूस की जाएगी।



