कोल्हान बह रुमुल सह सांस्कृतिक यात्रा का भव्य समापन, आदिवासी हो समाज की एकता और संस्कृति की झलक

चाईबासा, 16 मार्च : आदिवासी हो समाज की पारंपरिक संस्कृति, प्रकृति-पूजा और विलुप्त होती परंपराओं के संरक्षण के उद्देश्य से आयोजित “कोल्हान बह रुमुल सह सांस्कृतिक यात्रा” का भव्य समापन खूंटकट्टी मैदान, चाईबासा में हुआ। कोल्हान हो फिल्म्स एंड म्यूजिक एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों आदिवासी पुरुष-महिलाओं ने पारंपरिक वेश-भूषा और वाद्य यंत्रों के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे आदिवासी एकता और सांस्कृतिक गौरव का जीवंत प्रदर्शन देखने को मिला।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक गोवारी गीत से हुई। इस दौरान सभी प्रतिभागियों का सरजोम और पलाश के फूल लगाकर स्वागत किया गया। आयोजन समिति के अध्यक्षीय संबोधन के बाद बह पर्व के 10 प्रमुख ताड़— गेना, गाड़ूवा, चंगुड़िया, दांवडिया, जापे, जादूर, केंमटा, सार, ले और रचा—पर आधारित गीत व नृत्य प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य विलुप्त होती पारंपरिक धुनों और विधाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना तथा उन्हें संरक्षित करना था।
कार्यक्रम में सोमा जेराई ने बह पर्व के 10 ताड़ों की विशेषताओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित झारखंड कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष केशव कमलेश महतो ने कहा कि ऐसे आयोजन संस्कृति को पहचान देने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को पूर्वजों की प्रकृति-आधारित जीवनशैली से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से विलुप्त होती संस्कृति के संरक्षण के लिए सहयोग की अपील भी की।
चक्रधरपुर नगर परिषद के नवनिर्वाचित अध्यक्ष सन्नी उरांव ने सामाजिक सौहार्द और आदिवासी एकता पर बल देते हुए कहा कि सांस्कृतिक मंच समाज को जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। वहीं आदिवासी हो समाज महिला महासभा की सचिव ने महिलाओं से भविष्य में भी ऐसे आयोजनों में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान तांबो चौक में हो डॉक्टर्स एसोसिएशन, गौशाला चौक में नमा सगेन महिला समिति दुंबीसाईं तथा पोस्ट ऑफिस चौक में सवैया लाइन ढाबा द्वारा जलपान की व्यवस्था की गई थी।
कार्यक्रम में चंद्रमोहन बिरुवा, रमेश जेराई, विजय सिंह संब्रूई, रॉबिंसन सिरका, सनातन पिंगुवा, मंजीत हासदा, मदन बोदरा, अनूप पूरती तथा हो फिल्म जगत के कलाकार सह पुलिस अधिकारी अरुण मुंडरी एवं प्रेमा मुंडरी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
नृत्य प्रतियोगिता के परिणाम
प्रथम : बिरुवा रूमुल पड़सी
द्वितीय : मुंडारी सुसुन दुरं क्लब, खूंटी
तृतीय : बले: सुड़ा सगेन ओल-पड़ाओ षुषुन-दुरं इनुङ गुटि कतिगुटु मोंडो, चाईबासा
सामूहिक लोकगीत प्रतियोगिता के परिणाम
प्रथम : पुदगल हो’ हयम् ओल-पड़ाओ षुषुन-दुरं इनितुङ मोंडो तुइबिर, चाईबासा
द्वितीय : हयम ल्हेचकोम ओल-पड़ाओ पटुवा गुटि नरसंडा मोंडो, चाईबासा
तृतीय : लिटे सी’ईत मोंडो तुंगी रहे



