तमाड़ में मनाया गया समता जजमेंट की 28वीं वर्षगांठ, पेशा कानून को लागू करने की उठी मांग— ललित कुमार महतो ने खूंटकट्टीदारों को बांटी समता जजमेंट की प्रति, स्थानीय अधिकारों पर दिया जोर

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तमाड़ में मनाया गया समता जजमेंट की 28वीं वर्षगांठ, पेशा कानून को लागू करने की उठी मांग— ललित कुमार महतो ने खूंटकट्टीदारों को बांटी समता जजमेंट की प्रति, स्थानीय अधिकारों पर दिया जोर

तमाड़, 11 जुलाई : तमाड़ स्थित झारखंड आंदोलनकारी और आजसू के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष ललित कुमार महतो के आवासीय कार्यालय में शुक्रवार को समता जजमेंट की 28वीं वर्षगांठ श्रद्धा और जागरूकता के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में तमाड़ और आसपास के क्षेत्र के कई खूंटकट्टीदार और जमींदार उपस्थित हुए।

इस अवसर पर श्री महतो ने समता जजमेंट की प्रति उपस्थित जनों को भेंट की और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में पारंपरिक मालिकाना हक की रक्षा के लिए पेशा कानून को सख्ती से लागू किए जाने की जरूरत पर जोर दिया।

उन्होंने कहा, “समता जजमेंट सिर्फ एक निर्णय नहीं, बल्कि आदिवासी अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक मील का पत्थर है। यह पेशा कानून को धरातल पर उतारने का मजबूत आधार है। आज झारखंडवासियों को एकजुट होकर सरकार को बाध्य करना होगा कि वह जल, जंगल और जमीन की रक्षा हेतु पेशा कानून को मजबूती से लागू करे।”

कार्यक्रम के दौरान विजय सिंह मानकी, अनिल मुंडा सहित कई अन्य खूंटकट्टीदारों को सम्मानपूर्वक समता जजमेंट की प्रति प्रदान की गई। उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से इस ऐतिहासिक निर्णय की जानकारी ली और इसे अपने-अपने क्षेत्र में लागू करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

ललित महतो ने कहा कि पेशा कानून सिर्फ कागजों में सिमट कर न रह जाए, इसके लिए जनता को जागरूक और संगठित होना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड आंदोलन का उद्देश्य केवल राज्य निर्माण नहीं था, बल्कि झारखंड के लोगों को उनके हक़ और अधिकार दिलाना भी था।

कार्यक्रम में दर्जनों स्थानीय ग्रामीण, सामाजिक कार्यकर्ता और युवा शामिल हुए।

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