सड़क सुरक्षा पर प्रशासन सख्त: उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक, दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ठोस निर्देश

सरायकेला, 22 दिसंबर : जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण, यातायात अनुशासन को सुदृढ़ करने तथा आधारभूत सुरक्षा ढांचे में सुधार को लेकर उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक मुकेश लुनायत, अपर उपायुक्त श्रवर्धन कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी गिरिजा शंकर महतो, अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला–चांडिल, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), यातायात निरीक्षक सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी शामिल हुए।
बैठक में उपायुक्त ने पूर्व निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की। इस दौरान जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि नवंबर 2025 में जिले में कुल 25 सड़क दुर्घटनाएँ हुईं, जिनमें 25 लोगों की मृत्यु तथा 9 लोग घायल हुए। सड़क सुरक्षा के मद्देनज़र जिले में 18 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जिनके सुधार के लिए विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। वहीं, यातायात निरीक्षक ने जानकारी दी कि नवंबर माह में सघन वाहन जांच अभियान के तहत यातायात नियमों के उल्लंघन पर लगभग ₹22.78 लाख की दंड राशि वसूल की गई।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिन मार्गों पर भारी वाहनों का परिचालन प्रतिबंधित है, वहां ऐसे वाहनों का आवागमन पूर्णतः रोका जाए और इसके लिए नियमित निगरानी व सख्त प्रवर्तन सुनिश्चित किया जाए। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में ज़ेबरा क्रॉसिंग, जिग-जैग रोड मार्किंग, स्पीड ब्रेकर, चेतावनी संकेतक एवं स्ट्रीट लाइट की स्थापना व मरम्मत के कार्य प्राथमिकता के साथ शीघ्र पूरे करने को कहा गया।
उन्होंने चांडिल–कांड्रा सड़क निर्माण कार्य को तय समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराने तथा JARDCL को मुख्य सड़कों के मरम्मती कार्य, विशेष रूप से चौका – कांड्रा टोल रोड की मरम्मत को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग के प्रति लोगों को जागरूक करने, साथ ही नियम उल्लंघन पर दंड के प्रावधानों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए। कोहरे के मौसम को देखते हुए ओवरस्पीडिंग से बचाव, फॉग लाइट के उपयोग और सुरक्षित दूरी बनाए रखने को लेकर भी जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया गया।
बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और सुरक्षित यातायात व्यवस्था स्थापित हो।



