रांची में संयुक्त किसान मोर्चा का प्रदर्शन, पीएम और सीएम के नाम डीसी को सौंपा ज्ञापन

रांची, 26 नवंबर : किसान आंदोलन की पाँचवीं वर्षगांठ पर संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी आव्हान के तहत बुधवार को रांची में व्यापक प्रदर्शन किया गया। शहीद चौक से निकले जुलूस ने रांची उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने एमएसपी की कानूनी गारंटी, किसान आंदोलन और केंद्र सरकार के बीच हुए लिखित समझौते को लागू करने, पंचायत स्तर पर धान क्रय केंद्र खोलने, झारखंड में 16 रुपये प्रति किलो की धान खरीद पर रोक लगाने और राज्य में घोषित 24 रुपये एमएसपी लागू करने की मांग उठाई। साथ ही किसानों व मजदूरों पर प्रभाव डालने वाले चार लेबर कोड रद्द करने, सभी किसान कर्ज माफ करने, हाथियों के आतंक से राहत, जबरन भूमि अधिग्रहण पर रोक, बढ़ती किसान आत्महत्याओं पर नियंत्रण और जल–जंगल–जमीन पर कॉरपोरेट कब्जे के खिलाफ आवाज बुलंद की गई।
मोर्चा ने मनरेगा में 200 दिन काम और 608 रुपये दैनिक मजदूरी, CNT–SPT एक्ट की रक्षा, पेशा नियमावली लागू करने तथा किसान विरोधी बीज विधेयक वापस लेने की भी मांग की।
मुख्य वक्ता झारखंड राज्य किसान सभा के राज्य अध्यक्ष सुफल महतो ने कहा कि 13 माह चले किसान आंदोलन और 750 किसानों की शहादत के बाद कृषि कानून तो वापस हुए, लेकिन एमएसपी की कानूनी गारंटी का वादा अब तक पूरा नहीं हुआ, जो करोड़ों किसानों के साथ “सबसे बड़ा विश्वासघात” है। उन्होंने कहा कि जहां केरल सरकार 30 रुपये प्रति किलो की दर से धान खरीद रही है, वहीं झारखंड में 16 रुपये पर खरीद जारी है और क्रय केंद्र भी नहीं खुले हैं।
कार्यक्रम में अखिल भारतीय किसान सभा के राज्य सचिव पुष्कर महतो, अजय सिंह, झारखंड खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन के राज्य संयोजक बिरेंद्र कुमार, बिसमबर महतो, उमेश महतो, पांडूराम मुंडा, श्रवण मुंडा, बिनोद साव, पोली गोझू, बलराम पातर, जयनाथ पातर, अशोक महतो, सुरेंद्र प्रसाद दिक्षित, मनोज ठाकुर सहित बड़ी संख्या में किसान शामिल थे।



