बाहा मिदून समारोह में झलकी आदिवासी संस्कृति की छटा, प्रकृति प्रेम का दिया संदेश

चांडिल, 10 मार्च : चांडिल अनुमंडल स्थित सिंहभूम कॉलेज, चांडिल के संताली विभाग की ओर से मंगलवार को बाहा विषयक संगोष्ठी सह बाहा मिदून (मिलन) समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और प्रकृति के प्रति उनके गहरे प्रेम की झलक देखने को मिली।
समारोह के दौरान छात्राओं ने अपने जूड़े में सखुआ का फूल लगाकर तथा छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक परिधान धारण कर उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लिया। वहीं कई छात्रों ने कानों में सखुआ फूल सजाकर बाहा पर्व की परंपरा को जीवंत किया। ढोल और मांदर की थाप पर प्रस्तुत पारंपरिक नृत्य ने पूरे परिसर को उत्साह और उमंग से भर दिया, जो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा।
इस अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओं ने बाहा पर्व के सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व प्रकृति के प्रति आदिवासी समाज की गहरी आस्था और प्रेम का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं से अपनी परंपरा, संस्कृति और प्रकृति संरक्षण के संदेश को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों के बीच प्रसाद के रूप में खिचड़ी का वितरण किया गया।
इस अवसर पर कॉलेज के प्रोफेसर इंचार्ज डॉ सुनील मुर्मू, प्रो संजय कुमार, बीके सिंह, अंबिका राज, सुबोध सिंह मुंडा, शंकर बेसरा, गोपाल हांसदा, भूषण सिंह मुंडा सहित अन्य शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।



