सरायकेला–खरसावां में बसों की सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश, नियमों का पालन अनिवार्य

सरायकेला, 16 जनवरी : सरायकेला–खरसावां जिले में जनसाधारण की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा बस स्वामियों एवं बस परिचालकों के लिए एक महत्वपूर्ण आधिकारिक सूचना जारी की गई है। सूचना में स्पष्ट किया गया है कि केंद्रीय सड़क परिवहन संस्थान (सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट) द्वारा निर्धारित सुरक्षा अनुशंसाओं का अक्षरशः पालन सभी बस ऑपरेटरों के लिए अनिवार्य होगा।
जारी निर्देशों के अनुसार सभी स्लीपर कोचों में लगे चालक विभाजन द्वार (ड्राइवर पार्टीशन डोर) को तत्काल प्रभाव से हटाना अनिवार्य होगा। साथ ही स्लीपर बर्थ में लगाए गए सभी प्रकार के स्लाइडर भी अविलंब हटाए जाएंगे।
सभी स्लीपर कोचों में आग का पता लगाने एवं उसे बुझाने की प्रणाली (फायर डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम) एक माह की अवधि के भीतर अनिवार्य रूप से स्थापित करनी होगी। इसके अलावा प्रत्येक बस में न्यूनतम 10 किलोग्राम क्षमता का अग्निशामक यंत्र निर्धारित ग्रीन जोन में उपलब्ध रहना अनिवार्य किया गया है।
वहीं, चेसिस के अनधिकृत विस्तार के आधार पर निर्मित बस बॉडी को तत्काल प्रभाव से परिचालन से बाहर किया जाएगा। किसी भी बस का पंजीकरण केवल फॉर्म 22/22ए तथा अनुमोदित परीक्षण एजेंसी की वैध स्वीकृति प्राप्त होने के बाद ही मान्य होगा।
प्रत्येक बस के पंजीकरण के समय ले-आउट ड्राइंग संलग्न करना अनिवार्य होगा, जिसमें बस के आयाम, दरवाजों की स्थिति, आपातकालीन निकास तथा रूफ हैच का स्पष्ट विवरण अंकित होना चाहिए। इसके साथ ही बस बॉडी निर्माता की वैध मान्यता की जांच भी पंजीकरण के समय अनिवार्य रूप से की जाएगी।
जिला परिवहन पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 का पूर्ण अनुपालन करते हुए तथा एआईएस-052 और एआईएस-119 में वर्णित प्रावधानों के अनुरूप ही जिले में बसों का परिचालन सुनिश्चित किया जाएगा। निर्देशों का उल्लंघन करने वाले बस स्वामियों एवं परिचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित पक्षों की होगी।



