दलमा वन्य जीव अभ्यारण्य में वन विभाग के खिलाफ हुंकार

25 फरवरी को माकुलाकोचा में विशाल महा जन सम्मेलन
चांडिल, 22 फरवरी : दलमा क्षेत्र में वन विभाग की कथित मनमानी और ग्राम सभाओं को दरकिनार कर ईको टूरिज्म योजनाएं लागू किए जाने के विरोध में स्थानीय लोगों का आक्रोश तेज हो गया है। इसी क्रम में 25 फरवरी को दलमा वन्य जीव अभ्यारण्य अंतर्गत माकुलाकोचा फुटबॉल मैदान में विशाल महा जन सम्मेलन आयोजित करने की घोषणा की गई है।
सम्मेलन की तैयारी को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग-33 स्थित होटल वन पलासी में रविवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीणों ने भाग लिया।
बैठक में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि ईको टूरिज्म के नाम पर ग्राम सभाओं की अनदेखी की जा रही है और स्थानीय आदिवासी-मूलवासी समुदाय के अधिकारों का हनन हो रहा है। बैठक में उपस्थित दलमा टाइगर सुकलाल पहाड़िया, समाजसेवी बुद्धेश्वर मार्डी, गुरूचरण कर्मकार, जयनाथ सिंह, सुषेण सिंह सरदार, सुकु हांसदा समेत अन्य ग्रामीण नेताओं ने कहा कि बिना ग्राम सभा की अनुमति किसी भी योजना को लागू करना संवैधानिक प्रावधानों के विरुद्ध है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वन विभाग अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव नहीं करता तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। नेताओं ने कहा कि 25 फरवरी का महा जन सम्मेलन दलमा की जनता की अस्मिता, जल-जंगल-जमीन और अधिकारों की रक्षा के लिए निर्णायक कदम होगा। बैठक में क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों से सम्मेलन में शामिल होकर इसे ऐतिहासिक बनाने का आह्वान किया गया।
“ग्राम सभा सर्वोपरि है, वन विभाग की मनमानी नहीं चलेगी” के नारे के साथ आंदोलन की तैयारी तेज कर दी गई है।



