JSSC में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाला IRB का हवलदार गिरफ्तार, मूल प्रमाणपत्र व ब्लैंक चेक बरामद
चांडिल, 10 जुलाई : सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से ठगी करने वाले एक आरोपी को सरायकेला-खरसावां पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी स्वयं को JSSC-PGT शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा प्रभावशाली व्यक्ति बताकर अभ्यर्थियों से चयन सुनिश्चित कराने के नाम पर उनके मूल शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, ब्लैंक चेक और अन्य दस्तावेज अपने पास रखता था तथा चयन होने पर मोटी रकम वसूलता था। गिरफ्तार आरोपी वर्तमान में IRB-03 पिपरवार (चतरा) में हवलदार के पद पर प्रतिनियुक्त है।
पुलिस के अनुसार चौका थाना क्षेत्र निवासी गुरु चरण साव के लिखित आवेदन के आधार पर चौका थाना कांड संख्या-27/2026, दिनांक 09 जुलाई दर्ज किया गया। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS)-2023 की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई।
अनुसंधान के दौरान तकनीकी एवं मानवीय साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने हजारीबाग जिले के कटकमदाग थाना क्षेत्र अंतर्गत बनागढ़ा निवासी 40 वर्षीय सुशील कुमार को गिरफ्तार किया। पूछताछ और प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी JSSC-PGT समेत अन्य सरकारी नौकरियों की चयन सूची से अभ्यर्थियों का विवरण हासिल कर आर्थिक रूप से सक्षम अभ्यर्थियों से संपर्क करता था। वह चयनित अभ्यर्थियों को यह विश्वास दिलाता था कि उनका चयन उसके प्रभाव के कारण हुआ है और इसके एवज में मोटी रकम की मांग करता था। वहीं जिन अभ्यर्थियों का चयन नहीं होता था, उन्हें कम अंक आने का बहाना बनाकर उनके मूल दस्तावेज और ब्लैंक चेक वापस कर देता था।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अब तक की जांच में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) अथवा उसके किसी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने नहीं आई है। प्रथम दृष्टया मामला सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों से धोखाधड़ी और ठगी का प्रतीत होता है। मामले की गहन जांच जारी है तथा अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
छापेमारी के दौरान बरामद सामग्री में दो मोबाइल फोन, एक आधार कार्ड, JSSC-PGT के दो प्रवेश पत्र, दो अभ्यर्थियों के मूल शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, अभ्यर्थियों के विवरण से संबंधित कंप्यूटरीकृत दस्तावेज, हाईकोर्ट के आदेश की प्रति, छह ब्लैंक चेक तथा एक बैग शामिल हैं।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर धन या दस्तावेज मांगने वाले किसी भी व्यक्ति के झांसे में न आएं। सभी सरकारी नियुक्तियां निर्धारित एवं पारदर्शी चयन प्रक्रिया के माध्यम से होती हैं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल निकटतम थाना या पुलिस को दें।