शारदीय नवरात्र शुरू, कलश स्थापित कर की जा रही देवी की आराधना

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शारदीय नवरात्र शुरू, कलश स्थापित कर की जा रही देवी की आराधना


चांडिल, 22 सितंबर : शारदीय नवरात्रि सोमवार से शुरू हो गया। नवरात्रि के पहले दिन देवी के विभिन्न मंदिरों में और माता के भक्तों ने अपने-अपने घर में कलश स्थापना कर आद्या शक्ति महामाया देवी दुर्गा का आराधना प्रारंभ किया। नवरात्रि के पहले दिन सार्वजनिक श्रीश्री नवदुर्गा पूजा कमेटी चौका मोड में देवी दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की गई। माता शैलपुत्री की पूजा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूजा अर्चना के पूर्व चौका में दुर्गा मंदिर के सामने बने भव्य पूजा पंडाल का विधिवत उद्घाटन किया गया। पंडाल उद्घाटन के बाद माता शैलपुत्री की कलश यात्रा निकाली गई। कलश स्थापना के बाद मंदिर में पूजा अर्चना और चंडी पाठ प्रारंभ किया गया। यहां देवी के नौ रूपों की अलग-अलग आकर्षक व भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है।

रामकथा पर प्रवचन शुरू

सार्वजनिक श्रीश्री नवदुर्गा पूजा कमिटी चौका मोड़ की ओर से आयोजित शारदीय नवरात्र के पहले दिन से रामकथा पर प्रवचन कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यहां प्रतिवर्ष धार्मिक अनुष्ठान के तहत प्रवचन का आयोजन किया जाता है। सात दिनों तक चलने वाले रामकथा पर पश्चिम बंगाल के बाघमुंडी के पंडित राजू हाजरा प्रवचन दे रहे हैं। यहां 29 सितंबर तक प्रतिदिन तीन बजे से रामकथा का आयोजन होगा। चौका में स्थापना वर्ष 2005 से ही धार्मिक अनुष्ठान के तहत प्रवचन का आयोजन किया जाता है।

मां शैलपुत्री की महिमा

मां शैलपुत्री देवी दुर्गा का पहला स्वरूप हैं और पर्वतराज हिमालय की पुत्री मानी जाती हैं। मान्यता है कि माता की पूजा से सौभाग्य और स्थिरता की प्राप्ति होती है, साथ ही यह कष्टों से मुक्ति दिलाने वाली देवी मानी जाती हैं। मां शैलपुत्री को सौभाग्य और स्थिरता की देवी माना जाता है, और उनकी पूजा से भक्तों को इन गुणों की प्राप्ति होती है। देवी भक्तों के कष्टों को दूर कर उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करने वाली हैं। उनका स्वरूप शक्ति, साहस और दृढ़ता का प्रतीक है, जो भक्तों को प्रेरणा देता है।

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