आदित्यपुर में कचरे का अंबार, डेंगू-मलेरिया को खुला न्योता

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अटल पार्क के समीप महीनों से नहीं हुआ कचरे का उठाव, दुर्गंध और मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से परेशान स्थानीय लोग

आदित्यपुर, 07 सितंबर : सरायकेला खरसावां जिले के आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में सफाई व्यवस्था की बदहाल स्थिति अब लोगों के लिए परेशानी के साथ-साथ गंभीर स्वास्थ्य संकट का कारण बनती जा रही है। अटल पार्क के समीप पिछले कई महीनों से कचरा जमा होने के कारण यहां कचरे का पहाड़ खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम की लापरवाही के कारण क्षेत्र में गंदगी का अंबार लगा हुआ है और अधिकारी शिकायतों के बावजूद समस्या के समाधान को लेकर गंभीर नहीं हैं।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार, लंबे समय से कचरे का नियमित उठाव नहीं होने के कारण सड़क किनारे बड़ी मात्रा में कचरा जमा हो गया है। स्थिति यह है कि कचरे से निकलने वाली तेज दुर्गंध के कारण अटल पार्क में सुबह-शाम टहलने आने वाले बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को काफी परेशानी हो रही है। राहगीरों को भी नाक बंद कर इस रास्ते से गुजरना पड़ता है।

बारिश में बढ़ा मच्छरों का प्रकोप

बरसात के मौसम में कचरे के बीच जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि गंदगी और जलजमाव के कारण डेंगू और मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों के पनपने का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में यदि समय रहते सफाई और दवा का छिड़काव नहीं कराया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

स्थानीय लोगों का कहना है कि कचरे की समस्या को लेकर कई बार नगर निगम के अधिकारियों से मौखिक शिकायत की जा चुकी है। हर बार जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। लोगों का आरोप है कि शिकायतें केवल आश्वासन तक सीमित रह गई हैं।

तत्काल सफाई और दवा छिड़काव की मांग

क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और नगर निगम से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अविलंब कचरे का उठाव कर पूरे इलाके की साफ-सफाई कराई जाए। साथ ही कीटनाशक और मच्छररोधी दवाओं का छिड़काव कराया जाए, ताकि डेंगू-मलेरिया जैसी बीमारियों के संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।

स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे नगर निगम के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब देखना होगा कि लोगों की शिकायत के बाद नगर निगम इस गंभीर समस्या पर कब तक कार्रवाई करता है।

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