जमशेदपुर से चांडिल तक आवारा कुत्तों की शिफ्टिंग! चार साल की बच्ची पर हमला, मां को भी काटा

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जमशेदपुर से चांडिल तक आवारा कुत्तों की शिफ्टिंग! चार साल की बच्ची पर हमला, मां को भी काटा

चांडिल, 07 सितंबर : चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में बढ़ते आवारा कुत्तों के आतंक ने अब ग्रामीण इलाकों में भी चिंता बढ़ा दी है। सरायकेला खरसावां जिले के चौका थाना क्षेत्र के सुदूरवर्ती हैंसाकोचा गांव में रविवार को एक आवारा कुत्ते ने घर में खेल रही चार वर्षीय बच्ची बुधनी मुंडा पर हमला कर दिया। कुत्ते ने बच्ची को शरीर पर करीब सात जगह काट लिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान हो गई। बेटी को बचाने पहुंची उसकी मां रामूनी मुंडा को भी कुत्ते ने काटकर घायल कर दिया।

घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी मिलने पर पंचायत की मुखिया ने अपने स्तर से वाहन की व्यवस्था कर घायल मां-बेटी को चांडिल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां दोनों का प्राथमिक उपचार किया गया। देर रात बच्ची की हालत खराब होने पर उसे एमजीएम रेफर कर दिया गया है। फिलहाल बच्ची का इलाज एमजीएम, जमशेदपुर में चल रहा है।

शहरों से पकड़कर रात में गांवों में छोड़ने का आरोप

घटना के बाद एक गंभीर सवाल भी उठने लगा है कि आखिर चांडिल और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अचानक आवारा कुत्तों की संख्या क्यों बढ़ रही है। स्थानीय लोगों और कांग्रेस नेता अरुण बगड़िया का आरोप है कि जमशेदपुर जैसे बड़े शहरों से आवारा कुत्तों को पकड़कर रात के अंधेरे में चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में लाकर छोड़ दिया जाता है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है और लोगों के लिए खतरा पैदा हो रहा है।

हालांकि, शहरों से कुत्तों को पकड़कर चांडिल क्षेत्र में छोड़े जाने के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बावजूद इसके, यदि ऐसा हो रहा है तो प्रशासन के लिए यह गंभीर जांच का विषय है।

खुले में फेंका जा रहा होटल का कचरा भी बढ़ा रहा खतरा

स्थानीय स्तर पर एक और वजह की ओर भी लोगों का ध्यान जा रहा है। चांडिल और आसपास के इलाकों में कई स्थानों पर होटलों और ढाबों के बचे हुए भोजन एवं अन्य अवशेष खुले में फेंक दिए जाते हैं। इन अवशेषों के कारण बड़ी संख्या में आवारा कुत्ते एक जगह जमा हो जाते हैं। लोगों का कहना है कि लगातार भोजन के लिए झुंड में रहने वाले कुत्तों का व्यवहार कई बार आक्रामक हो जाता है और राहगीरों तथा ग्रामीणों पर हमले की घटनाएं सामने आती हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि खुले में खाद्य अवशेष फेंकने की व्यवस्था पर रोक लगाने और आवारा कुत्तों के प्रबंधन के लिए प्रशासन को ठोस कदम उठाने चाहिए।

सीएचसी पहुंचे अरुण बगड़िया, एसडीओ से कार्रवाई की मांग

घटना की जानकारी मिलने पर कांग्रेस नेता अरुण बगड़िया चांडिल सीएचसी पहुंचे और घायल मां-बेटी का हाल जाना। उन्होंने चिकित्सक से दोनों का बेहतर इलाज सुनिश्चित करने का आग्रह किया। बगड़िया ने कहा कि चांडिल क्षेत्र में इन दिनों आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ गया है। उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी से मामले को गंभीरता से लेते हुए आवारा कुत्तों को बाहर से लाकर छोड़ने और खुले में होटल के अवशेष फेंके जाने के आरोपों की जांच कराने की मांग की।

उन्होंने कहा कि आवारा कुत्तों के आतंक को केवल छोटी घटनाओं के रूप में देखने के बजाय इसे ग्रामीणों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा मानना होगा। प्रशासन को कुत्तों की बढ़ती संख्या, खुले में फेंके जा रहे खाद्य अवशेष और कथित रूप से बाहर से लाकर छोड़े जाने की शिकायतों की जांच कर स्थायी समाधान की दिशा में कार्रवाई करनी चाहिए।

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