15 अगस्त को जिला स्तरीय समारोह में हर प्रखंड से एक उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्यकर्मी को सम्मानित किया जाएगा : डीसी
सरायकेला, 27 जुलाई : समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों एवं स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त रीना हांसदा, सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह, सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. नकुल चौधरी, सभी एमओआईसी, डीपीएमयू, बीपीएमयू एवं अन्य संबंधित चिकित्सा पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में उपायुक्त द्वारा विगत बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की गई तथा स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यप्रणाली, आधारभूत स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता एवं आमजनों को गुणवत्तापूर्ण तथा सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने को लेकर विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने कहा कि जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक पात्र लाभुक तक स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचे। इसके लिए सभी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
उपायुक्त ने सभी चिकित्सा पदाधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को निर्धारित रोस्टर के अनुसार समय पर उपस्थित होकर नियमित रूप से बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा नियमित समीक्षा एवं मॉनिटरिंग के माध्यम से कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही सभी स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा करते हुए अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बनाकर उन्हें कैशलेस उपचार का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही टेलीमेडिसिन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाते हुए दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया।
मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले के सभी संवेदनशील एवं पीवीटीजी बहुल क्षेत्रों में नियमित रूप से मास सर्वे संचालित कर संभावित एवं चिन्हित मलेरिया मरीजों की समय पर पहचान सुनिश्चित की जाए तथा सभी चिन्हित मरीजों का निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप समुचित उपचार किया जाए। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में नियमित कीटनाशक छिड़काव, मच्छरजनित रोगों की सतत निगरानी एवं नियंत्रणात्मक उपायों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को विभिन्न सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) माध्यमों के जरिए आमजनों को मलेरिया के लक्षण, बचाव के उपाय, समय पर जांच एवं उपचार के महत्व, मच्छरदानी के नियमित उपयोग, घर एवं आसपास साफ-सफाई बनाए रखने तथा जलजमाव की रोकथाम के संबंध में व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए, ताकि जिले में मलेरिया संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।
समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने सभी स्वास्थ्य संस्थानों में एक्सपायरी दवाओं की नियमित जांच, उपलब्ध दवाओं का स्टॉक मिलान, दवाओं का सुरक्षित एवं वैज्ञानिक रख-रखाव तथा एक्सपायरी दवाओं का प्रचलित नियमों के अनुरूप समयबद्ध विनष्टीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी स्वास्थ्य केंद्रों में नियमित साफ-सफाई बनाए रखने, मरीजों के बैठने हेतु पर्याप्त संख्या में कुर्सी एवं बेंच की व्यवस्था, निर्बाध विद्युत आपूर्ति तथा लाइट, पंखा सहित अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जून माह की कार्य प्रगति की समीक्षा के क्रम में चिकित्सकों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों (सीएचओ) द्वारा किए गए कंसल्टेशन की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा में शून्य (0) कंसल्टेशन दर्ज करने वाले दो चिकित्सकों के वेतन भुगतान पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश दिए गए। वहीं, जून माह में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कम कंसल्टेशन प्रतिशत दर्ज करने वाले चिकित्सकों एवं सीएचओ को कारण बताओ (शोकॉज) नोटिस निर्गत करने के निर्देश दिए गए।
समीक्षा के दौरान बेहतर कंसल्टेशन एवं स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों (सीएचओ) को उपायुक्त द्वारा मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया।
बैठक के अंत में उपायुक्त ने स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा आमजनों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मी पूर्ण तत्परता, संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें तथा मरीजों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
उपायुक्त ने बताया कि आगामी 15 अगस्त को आयोजित जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर जिले के प्रत्येक प्रखंड से उत्कृष्ट कार्य करने वाले एक स्वास्थ्यकर्मी (चिकित्सक/एएनएम/जीएनएम/सहिया में से किसी एक) को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने सभी स्वास्थ्यकर्मियों से जनसेवा की भावना के साथ उत्कृष्ट कार्य करते हुए जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने का आह्वान किया।