सावन के अंतिम सोमवारी पर शिवालयों में उमड़ा शिव भक्तों का सैलाव, गूंजे हर-हर महादेव

चांडिल, 04 अगस्त : पूर्णिमा मत से सावन मानने वाले के लिए पवित्र माह के अंतिम सोमवारी और संक्रांति मत से सावन मानने वालों के तीसरी सोमवारी पर क्षेत्र से सभी शिवालयों में भक्तों की उमड़ उमड़ी। वैसे तो भगवान भोलेनाथ पर जलार्पण करने के लिए श्रद्धालु रविवार रात से ही शिवलयों में पहुंचने लगे थे। सोमवारी पूजा के लिए भोर से ही शिव भक्त मंदिरों में पहुंचने लगे थे। सोमवारी पर क्षेत्र के सभी सड़कों का रुख शिवालयों की ओर हो गया था। इस दौरान जयदा स्थित ऐतिहासिक बुढ़ाबाबा शिव मंदिर में सर्वाधिक भीड़ देखा गया। यहां लगी भक्तों की लंबी कतार लोगों का अपने आराध्यदेव के प्रति समर्पण को दर्शा रहा था। इस दौरान चारों ओर भगवान भोलेनाथ के जयकारे गूंज रहा था।

पुलिस प्रशासन ने भी सोमवारी के अवसर पर मंदिर पहुंचने वाले शिव भक्तों के लिए विशेष इंतजाम किया था। एनएच 33 से ही वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दिया गया था, जिससे पैदल मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो। सभी एक साथ पैदल मंदिर पहुंचे और भगवान का दर्शन-पूजन कर वापस लौटे इसके लिए यह इंतजाम किया गया था। वहीं नदी किनारे भीड़ नहीं होने दिया जा रहा था। मंदिर परिसर में चौका थाना की पुलिस जगह-जगह तैनात किया गया था। वहीं एनएच 33 पर चांडिल थाना की पुलिस यातायात पुलिस के साथ मोर्चा संभाले थी। मंदिर परिसर मेें ऐहतियातन चिकित्सक के साथ एंबुलेंस भी तैनात था।

सोमवारी पर शिवालयों में जलाभिषेक के साथ रूद्राभिषेक भी हुआ। इस दौरान भक्तों के लिए सुजी का हलवा, भोग आदि का भी वितरण किया गया। मंदिर कमेटी की ओर से सोमवारी पर पूजा अर्चना करने आए श्रद्धालुओं को सुगमता पूर्वक जलार्पण कराया गया। कहा जाता है कि सावन माह के प्रत्येक सोमवार को अपना अपना अलग महत्व है। सोमवार के दिन भोलेनाथ का जलाभिषेक करने से श्रद्धालुओं को मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। इसी मान्यता के अनुसार भक्त सोमवारी पर शिवालयों में बाबा भोले पर जलाभिषेक कर मंगलमय जीवन की कामना किए। सोमवारी पर पूरे चांडिल अनुमंडल क्षेत्र का माहौल भक्तिमय में हो गया है।



