भीड़ से इलाज तक : एमजीएम अस्पताल में ‘पास सिस्टम’ से बदलेगी मरीज सेवा की तस्वीर

जमशेदपुर, 17 मार्च : जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में अब इलाज की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। अस्पताल प्रशासन ने अनियंत्रित भीड़ और अव्यवस्था पर रोक लगाने के लिए नया “पास सिस्टम” लागू कर दिया है, जिससे अब बिना पास किसी भी परिजन को अंदर प्रवेश नहीं मिलेगा।
इस नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक मरीज के साथ सीमित संख्या में ही परिजनों को प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। अस्पताल प्रबंधन का मानना है कि इससे न केवल वार्डों में भीड़ कम होगी, बल्कि डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को भी इलाज पर बेहतर फोकस करने का मौका मिलेगा।
दरअसल, लंबे समय से अस्पताल में अत्यधिक भीड़, सुरक्षा में लापरवाही और संक्रमण के खतरे को लेकर शिकायतें सामने आ रही थीं। कई बार एक मरीज के साथ बड़ी संख्या में परिजन पहुंचने से इलाज व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। ऐसे में यह कदम “भीड़ नियंत्रण” से आगे बढ़कर “मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवा” की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है।
अस्पताल प्रशासन का दावा है कि पास सिस्टम लागू होने से आपातकालीन सेवाओं में बाधा कम होगी और गंभीर मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा। साथ ही संक्रमण नियंत्रण में भी यह कदम कारगर साबित होगा।
हालांकि, कुछ परिजनों ने इस व्यवस्था को लेकर शुरुआती असुविधा जताई है, खासकर दूर-दराज से आने वाले लोगों के लिए यह नियम थोड़ा कठिन लग रहा है। लेकिन प्रशासन का कहना है कि यह बदलाव अस्थायी परेशानी के बावजूद दीर्घकाल में मरीजों के हित में है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो सरकारी अस्पतालों में भीड़ प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती होती है, और इस तरह के नियंत्रित प्रवेश सिस्टम से इलाज की गुणवत्ता में सुधार संभव है। अब देखना होगा कि यह नई व्यवस्था जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी साबित होती है।



